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हरियाणा के अंबाला एयरफोर्स स्टेशन की गोपनीय जानकारी पाकिस्तान को देने वाला शख्स गिरफ्तार, हनी ट्रैप में फंसकर करता था जासूसी

  • Writer: Lucky Kumar
    Lucky Kumar
  • 2 days ago
  • 2 min read


हरियाणा के अंबाला स्थित भारतीय वायुसेना (Air Force) स्टेशन से जुड़ी एक बेहद गंभीर और संवेदनशील सुरक्षा चूक का मामला सामने आया है। सुरक्षा एजेंसियों ने एक ऐसे व्यक्ति को गिरफ्तार किया है, जो कथित तौर पर पाकिस्तान को एयरफोर्स स्टेशन की गोपनीय और संवेदनशील जानकारियां भेज रहा था। शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपी हनी ट्रैप का शिकार होकर सोशल मीडिया के जरिए दुश्मन देश को जानकारी साझा कर रहा था।


इनपुट के बाद खुली साजिश की परतें


खुफिया एजेंसियों को कुछ समय पहले संदिग्ध गतिविधियों को लेकर इनपुट मिला था। इसके बाद आरोपी की गतिविधियों पर नजर रखी जाने लगी। जांच में पाया गया कि आरोपी वायुसेना स्टेशन के अंदर और आसपास की तस्वीरें ले रहा था और कुछ संवेदनशील जानकारियां भी साझा कर रहा था। जब सुरक्षाबलों ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की और मोबाइल फोन की जांच की, तब पूरी सच्चाई सामने आई।


2020 से एयरफोर्स क्षेत्र में करता था काम


पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी वर्ष 2020 से अंबाला एयरफोर्स स्टेशन से जुड़े इलाके में ठेकेदार के तौर पर काम कर रहा था। वह वायुसेना स्टेशन में मरम्मत और रखरखाव से जुड़े कार्यों को संभालता था, जिसके चलते उसे परिसर के भीतर आने-जाने की अनुमति थी। इसी पहुंच का फायदा उठाकर वह अंदर की गतिविधियों, ढांचे और अन्य महत्वपूर्ण जानकारियों को अपने मोबाइल फोन में कैद करता था।


सोशल मीडिया के जरिए पाकिस्तान तक पहुंचती थी जानकारी


जांच एजेंसियों का कहना है कि आरोपी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से पाकिस्तान में बैठे अपने संपर्कों को तस्वीरें और जानकारियां भेजता था। बताया जा रहा है कि वह एक महिला प्रोफाइल के जरिए हनी ट्रैप में फंसा, जिसके बाद उससे लगातार संवेदनशील सूचनाएं मांगी जाने लगीं। धीरे-धीरे वह पूरी तरह जाल में फंस गया और देश की सुरक्षा से खिलवाड़ करने लगा।


मोबाइल फोन से मिले अहम सबूत


जब आरोपी का मोबाइल फोन जब्त कर उसकी फॉरेंसिक जांच की गई, तो उसमें एयरफोर्स स्टेशन से जुड़ी कई तस्वीरें, चैट्स और डाटा बरामद हुआ। इन सबूतों ने यह स्पष्ट कर दिया कि आरोपी लंबे समय से जासूसी गतिविधियों में लिप्त था। एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि उसने अब तक कितनी जानकारियां साझा कीं और क्या इस नेटवर्क में और लोग भी शामिल हैं।

सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट, जांच जारी


इस घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हो गई हैं। एयरफोर्स स्टेशन और अन्य संवेदनशील ठिकानों की सुरक्षा व्यवस्था की दोबारा समीक्षा की जा रही है। साथ ही, ठेके पर काम करने वाले कर्मचारियों की पृष्ठभूमि की भी गहन जांच शुरू कर दी गई है।


पुलिस और खुफिया एजेंसियां आरोपी से लगातार पूछताछ कर रही हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि उसके संपर्क पाकिस्तान में किन लोगों से थे और क्या वह किसी बड़े जासूसी नेटवर्क का हिस्सा था।


देश की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला


यह मामला एक बार फिर यह दिखाता है कि दुश्मन देश किस तरह से हनी ट्रैप और सोशल मीडिया के जरिए भारत की सुरक्षा में सेंध लगाने की कोशिश करता है। सुरक्षा एजेंसियों ने आम लोगों से भी अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध ऑनलाइन संपर्क से सावधान रहें और ऐसी गतिविधियों की तुरंत सूचना प्रशासन को दें।


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