‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसा कोई कानून नहीं, साइबर ठगों से सतर्क रहें: सीएम योगी आदित्यनाथ
- Jan 5
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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नागरिकों से साइबर धोखाधड़ी को लेकर सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि देश के किसी भी कानून में ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसी कोई व्यवस्था नहीं है और इस नाम पर लोगों को डराकर ठगी करने वाले साइबर अपराधियों से सावधान रहने की जरूरत है।
सीएम योगी ने कहा कि राज्य सरकार साइबर अपराधों पर लगाम लगाने के लिए लगातार कदम उठा रही है और 2017 के बाद उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में साइबर क्राइम थाने सक्रिय किए जा चुके हैं। इसके बावजूद जागरूकता की कमी के कारण कई लोग साइबर ठगी का शिकार हो रहे हैं।
‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर फैलाया जा रहा भ्रम
मुख्यमंत्री ने बताया कि साइबर ठग खुद को पुलिस, सीबीआई, ईडी या किसी अन्य सरकारी एजेंसी का अधिकारी बताकर लोगों को वीडियो कॉल, व्हाट्सऐप या सोशल मीडिया के जरिए डराते हैं और ‘डिजिटल अरेस्ट’ का हवाला देकर पैसे की मांग करते हैं।उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस या कोई भी सरकारी एजेंसी कभी भी फोन कॉल, वीडियो कॉल या सोशल मीडिया के जरिए गिरफ्तारी या पैसों की मांग नहीं करती।
निजी जानकारी साझा न करने की अपील
सीएम योगी ने नागरिकों से अपील की कि वे सोशल मीडिया या किसी अनजान व्यक्ति के साथ
अपनी निजी जानकारी,
फोटो या वीडियो,
बैंक डिटेल्स,
ओटीपी या पासवर्डकभी भी साझा न करें।
उन्होंने कहा कि थोड़ी सी लापरवाही व्यक्ति को बड़ी आर्थिक हानि में डाल सकती है।
साइबर अपराध की शिकायत तुरंत करें
मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति साइबर अपराध का शिकार होता है, तो उसे घबराने के बजाय तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज करानी चाहिए।समय पर की गई शिकायत से ठगी की राशि को रोकने या वापस पाने की संभावना काफी बढ़ जाती है।
वरिष्ठ नागरिकों को किया विशेष रूप से जागरूक
सीएम योगी आदित्यनाथ ने खासकर वरिष्ठ नागरिकों को साइबर अपराधियों का आसान निशाना बताते हुए समाज से उन्हें जागरूक करने की अपील की।उन्होंने कहा कि परिवार के युवा सदस्यों को चाहिए कि वे बुजुर्गों को डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के सुरक्षित उपयोग के बारे में जानकारी दें और किसी भी संदिग्ध कॉल या मैसेज पर तुरंत सतर्क करें।
सुरक्षित और साइबर अपराध-मुक्त यूपी का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार का लक्ष्य सुरक्षित और साइबर अपराध-मुक्त प्रदेश बनाना है। इसके लिए तकनीकी संसाधनों को मजबूत किया जा रहा है, पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है और आम जनता में जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार और समाज के संयुक्त प्रयास से ही साइबर अपराध पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।
सीएम योगी ने अंत में कहा कि साइबर अपराध से बचने का सबसे बड़ा हथियार जागरूकता और सतर्कता है।यदि नागरिक सावधान रहें, सही जानकारी रखें और समय पर शिकायत करें, तो साइबर ठगों के मंसूबों को नाकाम किया जा सकता है।




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