top of page

माघ मेला-2026: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तैयारियों की समीक्षा, श्रद्धालुओं की सुविधा सर्वोपरि

  • Writer: Lucky Kumar
    Lucky Kumar
  • Dec 27, 2025
  • 2 min read


प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार (26 दिसंबर) को अपने सरकारी आवास पर एक उच्चस्तरीय बैठक में प्रयागराज में आयोजित होने वाले माघ मेला-2026 की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि माघ मेला भारतीय आस्था, संस्कृति और आध्यात्मिक परंपराओं का प्रतीक है, इसलिए इसकी व्यवस्थाएं गरिमामयी होने के साथ-साथ पूरी तरह सुव्यवस्थित और श्रद्धालु-केंद्रित होनी चाहिए।


मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मेले की सभी व्यवस्थाओं में आध्यात्मिक गरिमा बनी रहे, लेकिन किसी भी स्तर पर अव्यवस्था, लापरवाही या असुविधा की कोई गुंजाइश नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि माघ मेला में देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु, संत-महात्मा और कल्पवासी आते हैं, ऐसे में प्रशासन की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है।


प्रमुख स्नान पर्वों पर नहीं होगा वीआईपी प्रोटोकॉल


मुख्यमंत्री ने बैठक में एक अहम निर्णय लेते हुए गृह विभाग को निर्देश दिए कि प्रमुख स्नान पर्वों पर किसी भी प्रकार का वीआईपी प्रोटोकॉल लागू न किया जाए। उन्होंने कहा कि माघ मेला समानता और समरसता का प्रतीक है, जहां हर श्रद्धालु समान है। इस संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने के भी आदेश दिए गए हैं ताकि किसी को विशेष सुविधा या प्राथमिकता न मिले।


मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रद्धालुओं की आस्था के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए और स्नान पर्वों के दौरान सामान्य श्रद्धालुओं को प्राथमिकता दी जाए।


सुरक्षा, स्वच्छता और यातायात पर विशेष जोर


बैठक में मुख्यमंत्री ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि माघ मेला क्षेत्र में पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था, सीसीटीवी निगरानी, पर्याप्त पुलिस बल और आपदा प्रबंधन की पूरी तैयारी होनी चाहिए। साथ ही महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने को कहा।

स्वच्छता को लेकर मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि मेला क्षेत्र में स्वच्छ पेयजल, शौचालय, साफ-सफाई और कचरा प्रबंधन की व्यवस्था अंतरराष्ट्रीय स्तर की होनी चाहिए। गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के संगम की पवित्रता बनाए रखना सरकार की प्राथमिकता है।


यातायात व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए ट्रैफिक प्लान पहले से तैयार किया जाए और पार्किंग, शटल सेवा व वैकल्पिक मार्गों की स्पष्ट जानकारी दी जाए।


संतों और कल्पवासियों की सुविधाओं का विशेष ध्यान


मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिए कि संतों, अखाड़ों और कल्पवासियों के लिए रहने, भोजन, स्वास्थ्य और बिजली-पानी की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। स्वास्थ्य सेवाओं के लिए अस्थायी अस्पताल, एंबुलेंस और मेडिकल टीम हर समय उपलब्ध रहें।

उन्होंने कहा कि माघ मेला केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भारत की सनातन संस्कृति और आध्यात्मिक चेतना का जीवंत स्वरूप है, जिसे वैश्विक स्तर पर प्रस्तुत करने की जिम्मेदारी राज्य सरकार की है।


अधिकारियों को समयबद्ध कार्ययोजना बनाने के निर्देश


मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ काम करें और समयबद्ध कार्ययोजना तैयार कर उसके अनुसार कार्यों को पूरा करें। उन्होंने यह भी कहा कि नियमित समीक्षा बैठकें कर प्रगति की निगरानी की जाए, ताकि किसी भी कमी को समय रहते दूर किया जा सके।


अंत में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि माघ मेला-2026 को सुरक्षा, सुविधा और आध्यात्मिक गरिमा का आदर्श उदाहरण बनाया जाएगा, ताकि प्रयागराज की धार्मिक पहचान और अधिक मजबूत हो।

Comments


bottom of page