दिल्ली में निजी स्कूलों की मनमानी फीस पर लगा ब्रेक, सरकार का सख्त कानून लागू
- Lucky Kumar
- Dec 13, 2025
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दिल्ली में निजी स्कूलों द्वारा हर साल की जा रही मनमानी फीस बढ़ोतरी को लेकर लंबे समय से अभिभावकों में नाराज़गी थी। अब इस मुद्दे पर दिल्ली सरकार ने बड़ा और निर्णायक कदम उठाते हुए दिल्ली स्कूल शिक्षा (शुल्क निर्धारण एवं विनियमन में पारदर्शिता) अधिनियम–2025 और उससे जुड़े नियमों को पूरी तरह लागू कर दिया है। सरकार के इस फैसले को शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।
बिना अनुमति अब नहीं बढ़ेगी फीस
शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने इस कानून की जानकारी देते हुए साफ शब्दों में कहा कि अब कोई भी निजी स्कूल मनमाने तरीके से फीस नहीं बढ़ा सकेगा। उन्होंने कहा,
अब निजी स्कूलों को फीस बढ़ाने से पहले तय प्रक्रिया का पालन करना होगा और संबंधित प्राधिकरण से अनुमति लेनी अनिवार्य होगी। नियमों की अनदेखी करने वाले स्कूलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सरकार का कहना है कि यह कानून खासतौर पर उन अभिभावकों को राहत देने के लिए लाया गया है जो हर साल बढ़ती स्कूल फीस के बोझ से परेशान थे।
फीस तय करने की होगी पारदर्शी प्रक्रिया
नए कानून के तहत अब स्कूलों को अपनी आय, खर्च, इंफ्रास्ट्रक्चर, शिक्षकों के वेतन और अन्य वित्तीय विवरण स्पष्ट रूप से दिखाने होंगे। फीस बढ़ाने से पहले स्कूलों को एक निर्धारित समिति के सामने प्रस्ताव रखना होगा, जिसमें अभिभावकों के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे। समिति की सिफारिशों के आधार पर ही फीस बढ़ाने या न बढ़ाने का फैसला लिया जाएगा।
इस व्यवस्था का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि फीस बढ़ोतरी का कारण जायज़ हो और उसका सीधा लाभ छात्रों की शिक्षा सुविधाओं में सुधार के रूप में दिखाई दे।
अभिभावकों को मिली बड़ी राहत
दिल्ली सरकार के इस फैसले से लाखों अभिभावकों ने राहत की सांस ली है। कई माता-पिता का कहना है कि अब तक निजी स्कूल हर सत्र की शुरुआत में बिना किसी स्पष्ट वजह के फीस बढ़ा देते थे, जिससे मध्यम वर्गीय परिवारों पर भारी आर्थिक दबाव पड़ता था। नए कानून से उन्हें यह भरोसा मिला है कि अब उनकी आवाज़ को भी निर्णय प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा।
नियम तोड़ने पर सख्त कार्रवाई
सरकार ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई स्कूल नियमों का उल्लंघन करता है या बिना अनुमति फीस बढ़ाता है, तो उस पर जुर्माना, फीस वापस करने का आदेश और गंभीर मामलों में स्कूल की मान्यता तक रद्द की जा सकती है। इससे स्कूल प्रबंधन पर कानून का पालन करने का दबाव बनेगा।
शिक्षा व्यवस्था में सुधार की दिशा में कदम
दिल्ली सरकार का मानना है कि यह कानून केवल फीस नियंत्रण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह शिक्षा व्यवस्था में अनुशासन, पारदर्शिता और विश्वास बहाल करने की दिशा में एक मजबूत कदम है। सरकार ने यह भी संकेत दिया है कि आने वाले समय में शिक्षा से जुड़े अन्य मुद्दों पर भी इसी तरह के सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे।
दिल्ली में निजी स्कूलों की मनमानी फीस बढ़ोतरी पर सरकार का यह सख्त रुख अभिभावकों के हित में एक बड़ी जीत के रूप में देखा जा रहा है। दिल्ली स्कूल शिक्षा (शुल्क निर्धारण एवं विनियमन में पारदर्शिता) अधिनियम–2025 के लागू होने से उम्मीद है कि शिक्षा अब केवल मुनाफे का साधन नहीं, बल्कि गुणवत्ता और न्यायसंगत व्यवस्था का प्रतीक बनेगी।




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