केसी त्यागी की पीएम मोदी से मांग: नीतीश कुमार को मिले भारत रत्न, समाजवादी आंदोलन के अनमोल रत्न बताए
- Lucky Kumar
- 12 hours ago
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पटना/नई दिल्ली।जनता दल (यूनाइटेड) के वरिष्ठ नेता और राष्ट्रीय प्रवक्ता केसी त्यागी ने शुक्रवार (09 जनवरी 2026) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘भारत रत्न’ से सम्मानित करने की मांग की है। केसी त्यागी ने अपने पत्र में नीतीश कुमार को समाजवादी आंदोलन का “बचा हुआ अनमोल रत्न” बताते हुए कहा कि उनका राजनीतिक और सामाजिक योगदान इस सम्मान के लिए पूरी तरह योग्य है।
केसी त्यागी ने पत्र में उल्लेख किया कि नीतीश कुमार ने दशकों तक भारतीय राजनीति में ईमानदारी, सुशासन और सामाजिक न्याय की राजनीति को मजबूत किया है। उन्होंने कहा कि जब देश में राजनीति का स्तर गिरता जा रहा था, उस दौर में नीतीश कुमार ने सिद्धांतों और मूल्यों की राजनीति को जीवित रखा।
समाजवादी विचारधारा के सशक्त प्रतिनिधि
पत्र में केसी त्यागी ने लिखा कि नीतीश कुमार, डॉ. राममनोहर लोहिया, जयप्रकाश नारायण और कर्पूरी ठाकुर की समाजवादी परंपरा के मजबूत स्तंभ रहे हैं। उन्होंने न केवल इस विचारधारा को आगे बढ़ाया, बल्कि उसे शासन के माध्यम से जमीन पर उतारने का काम भी किया। शिक्षा, सामाजिक समरसता और पिछड़े वर्गों के उत्थान में नीतीश कुमार की भूमिका को ऐतिहासिक बताया गया है।
बिहार को दी नई पहचान
केसी त्यागी ने यह भी कहा कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार ने कानून-व्यवस्था, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है।उन्होंने कहा कि एक समय ‘बीमारू राज्य’ कहलाने वाला बिहार, आज विकास और सुशासन का उदाहरण बन रहा है, जिसका श्रेय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को जाता है।
राजनीति से ऊपर राष्ट्रहित
पत्र में इस बात पर भी जोर दिया गया कि नीतीश कुमार ने हमेशा राजनीतिक लाभ से ऊपर राष्ट्रहित को प्राथमिकता दी है। चाहे केंद्र सरकार का समर्थन हो या राज्य में विकास से जुड़े फैसले, उन्होंने हर बार व्यावहारिक और संतुलित राजनीति का परिचय दिया।
भारत रत्न के लिए उपयुक्त समय
केसी त्यागी ने प्रधानमंत्री मोदी से आग्रह किया कि नीतीश कुमार को उनके जीवनकाल में ही यह सम्मान दिया जाए, ताकि देश उनके योगदान को समय रहते पहचान सके। उन्होंने लिखा कि भारत रत्न केवल सम्मान नहीं, बल्कि उन मूल्यों की स्वीकृति है, जिन पर नीतीश कुमार की राजनीति आधारित रही है।
राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज
केसी त्यागी के इस पत्र के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। जेडीयू नेताओं और समर्थकों में इस मांग को लेकर उत्साह देखा जा रहा है, वहीं विपक्षी दलों की ओर से भी इस पर प्रतिक्रियाएं आने लगी हैं। कुछ राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मांग नीतीश कुमार के लंबे राजनीतिक सफर और उनके प्रशासनिक योगदान की सार्वजनिक स्वीकृति की दिशा में एक अहम कदम है।
अब सबकी नजर प्रधानमंत्री कार्यालय की प्रतिक्रिया पर टिकी है कि इस मांग पर केंद्र सरकार क्या रुख अपनाती है।




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