अरविंद केजरीवाल का BJP पर तीखा हमला, बोले– “दिल्ली के शिक्षक पढ़ाएंगे या सड़कों पर कुत्ते गिनेंगे?”
- Lucky Kumar
- Dec 30, 2025
- 2 min read

दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (AAP) के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर जोरदार हमला बोला है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर किए गए एक पोस्ट में केजरीवाल ने दिल्ली के सरकारी स्कूलों के शिक्षकों से जुड़े मुद्दे को उठाते हुए केंद्र और भाजपा पर शिक्षा व्यवस्था को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया।
शिक्षकों की ड्यूटी को लेकर सवाल
अरविंद केजरीवाल ने अपने पोस्ट में लिखा,“दिल्ली में सरकारी स्कूलों के शिक्षक बच्चों को पढ़ाएंगे या फिर सड़कों पर कुत्ते गिनेंगे?”उन्होंने कहा कि शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कार्यों में लगाने से शिक्षा की गुणवत्ता पर सीधा असर पड़ता है। केजरीवाल का आरोप है कि भाजपा सरकार शिक्षा को प्राथमिकता नहीं दे रही और शिक्षकों का अपमान कर रही है।
भाजपा पर शिक्षा विरोधी नीति का आरोप
AAP संयोजक ने आगे कहा कि भाजपा के लिए शिक्षा कभी भी बड़ा मुद्दा नहीं रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा की नीतियों के कारण सरकारी स्कूलों को नुकसान पहुंचाया जा रहा है और जानबूझकर शिक्षा व्यवस्था को कमजोर किया जा रहा है।केजरीवाल ने कहा कि शिक्षक समाज की रीढ़ होते हैं और उन्हें ऐसे कार्यों में लगाना, जो उनकी जिम्मेदारी से बाहर हों, बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
दिल्ली मॉडल ऑफ एजुकेशन का जिक्र
अपने बयान के जरिए केजरीवाल ने अप्रत्यक्ष रूप से दिल्ली सरकार के “एजुकेशन मॉडल” का भी जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि आम आदमी पार्टी की सरकार ने पिछले वर्षों में सरकारी स्कूलों की हालत सुधारी, आधुनिक इमारतें बनाईं और शिक्षकों को सम्मान देने का काम किया।उनका कहना है कि जब शिक्षकों को पढ़ाने का पूरा मौका दिया जाता है, तभी बेहतर नतीजे सामने आते हैं।
सियासी बयानबाज़ी तेज
केजरीवाल के इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी इसे शिक्षा और शिक्षकों के सम्मान से जुड़ा बड़ा मुद्दा बता रही है, वहीं भाजपा की ओर से इस बयान को राजनीतिक नौटंकी करार दिए जाने की संभावना जताई जा रही है।
शिक्षा बनाम राजनीति की बहस
यह मुद्दा एक बार फिर इस सवाल को सामने लाता है कि क्या शिक्षकों को प्रशासनिक और सर्वे जैसे कार्यों में लगाया जाना उचित है। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि शिक्षकों का प्राथमिक कार्य बच्चों को पढ़ाना होना चाहिए और अतिरिक्त जिम्मेदारियों से शिक्षा व्यवस्था प्रभावित होती है।
आगे क्या?
केजरीवाल के इस पोस्ट के बाद यह देखना दिलचस्प होगा कि भाजपा इस पर क्या प्रतिक्रिया देती है और क्या दिल्ली में शिक्षकों की जिम्मेदारियों को लेकर कोई स्पष्ट नीति सामने आती है या नहीं। फिलहाल, शिक्षा को लेकर राजनीतिक बहस और तेज होती नजर आ रही है।




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