‘सतुआ बाबा की रोटी के चक्कर में मत पड़ो…’ माघ मेले की तैयारियों के बीच डिप्टी सीएम केशव मौर्य की प्रयागराज डीएम को नसीहत
- Lucky Kumar
- Dec 30, 2025
- 2 min read

प्रयागराज:
उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में आगामी माघ मेले की तैयारियों को लेकर उस वक्त माहौल गरमा गया, जब प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य अचानक औचक निरीक्षण पर पहुंच गए। निरीक्षण के दौरान व्यवस्थाओं को देखने के बाद जब वह अपनी गाड़ी की ओर बढ़ रहे थे, तभी उन्होंने प्रयागराज के जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा से एक ऐसा वाक्य कह दिया, जो वहां मौजूद अधिकारियों और लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया।
डिप्टी सीएम ने मुस्कुराते हुए कहा—“सतुआ बाबा की रोटी के चक्कर में मत पड़ो…”
यह सुनते ही मौके पर मौजूद अधिकारी, कर्मचारी और स्थानीय लोग अपनी हंसी नहीं रोक पाए। हालांकि कुछ पलों के लिए माहौल हल्का जरूर हुआ, लेकिन इस टिप्पणी के पीछे छिपा संदेश बेहद गंभीर और प्रशासनिक प्राथमिकताओं से जुड़ा था।
क्या है ‘सतुआ बाबा की रोटी’ का संदर्भ?
डिप्टी सीएम की यह टिप्पणी प्रतीकात्मक मानी जा रही है। प्रशासनिक गलियारों में इसे अनावश्यक दिखावे, छोटी बातों या गैर-जरूरी कामों में उलझने से बचने की नसीहत के रूप में देखा जा रहा है। केशव मौर्य का संकेत साफ था कि माघ मेले जैसे विशाल आयोजन में अधिकारियों को छोटे-मोटे प्रलोभनों या गौण विषयों से दूर रहकर श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और व्यवस्थाओं पर पूरा ध्यान देना चाहिए।
माघ मेले की तैयारियों पर डिप्टी सीएम की कड़ी नजर
औचक निरीक्षण के दौरान डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने माघ मेले से जुड़ी विभिन्न व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने विशेष रूप से इन बिंदुओं पर जोर दिया:
श्रद्धालुओं की सुरक्षा व्यवस्था
स्वच्छता और साफ-सफाई
यातायात और पार्किंग व्यवस्था
पेयजल, शौचालय और स्वास्थ्य सेवाएं
आपातकालीन स्थिति से निपटने की तैयारी
उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि माघ मेले में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए।
हंसी के पीछे छिपा सख्त संदेश
हालांकि डिप्टी सीएम की टिप्पणी ने मौके पर कुछ देर के लिए माहौल को हल्का कर दिया, लेकिन प्रशासनिक हलकों में इसे कड़ी चेतावनी के रूप में लिया जा रहा है। उनका साफ संदेश था कि:
माघ मेला केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि प्रशासनिक परीक्षा भी है
किसी भी तरह की लापरवाही या प्राथमिकताओं में चूक बर्दाश्त नहीं की जाएगी
अधिकारियों को पूरी निष्ठा और ईमानदारी से काम करना होगा
सोशल मीडिया पर भी चर्चा में रहा बयान
डिप्टी सीएम के इस बयान की चर्चा सोशल मीडिया पर भी तेजी से होने लगी। लोग इसे अलग-अलग नजरिए से देख रहे हैं—कुछ इसे हल्के-फुल्के अंदाज में दी गई सीख बता रहे हैं, तो कुछ इसे प्रशासनिक व्यवस्था पर सीधा कटाक्ष मान रहे हैं।
माघ मेला: आस्था और व्यवस्था की बड़ी चुनौती
प्रयागराज का माघ मेला देश के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में से एक है। हर साल लाखों श्रद्धालु संगम में स्नान और धार्मिक अनुष्ठानों के लिए यहां पहुंचते हैं। ऐसे में प्रशासन पर व्यवस्थाओं को लेकर भारी जिम्मेदारी होती है।
डिप्टी सीएम के औचक निरीक्षण और इस टिप्पणी से यह साफ हो गया है कि सरकार माघ मेले की तैयारियों को लेकर किसी भी तरह की ढिलाई नहीं चाहती।
डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य का “सतुआ बाबा की रोटी” वाला बयान भले ही मजाकिया लहजे में दिया गया हो, लेकिन इसका संदेश बेहद गंभीर है। यह टिप्पणी प्रशासन को यह याद दिलाने के लिए काफी है कि माघ मेले में प्राथमिकता श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा होनी चाहिए, न कि छोटी-मोटी बातों में उलझना।




Comments