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संसद की सुरक्षा और गोपनीयता पर सख्ती, स्मार्ट चश्मे और पेन कैमरा जैसे उपकरणों के इस्तेमाल से परहेज की सलाह

  • Writer: Lucky Kumar
    Lucky Kumar
  • Dec 25, 2025
  • 2 min read

संसद की सुरक्षा, गोपनीयता और संसदीय मर्यादाओं को और अधिक मजबूत बनाने के लिए लोकसभा सचिवालय ने एक अहम कदम उठाया है। सचिवालय ने बुधवार को सभी सांसदों को संसद परिसर के भीतर स्मार्ट चश्मे (Smart Spectacles), पेन कैमरा, स्मार्ट वॉच और इसी तरह के अन्य आधुनिक डिजिटल उपकरणों के इस्तेमाल से बचने की सख्त सलाह जारी की है।


लोकसभा बुलेटिन में जारी हुई एडवाइजरी


लोकसभा की ओर से जारी एक हालिया बुलेटिन में सांसदों को याद दिलाया गया है कि वर्तमान समय में अत्याधुनिक तकनीक से लैस कई ऐसे उपकरण बाजार में उपलब्ध हैं, जिनका दुरुपयोग किया जा सकता है। सचिवालय ने चेतावनी दी है कि इन उपकरणों के जरिए गुप्त रिकॉर्डिंग, तस्वीरें या डेटा संग्रह संभव है, जो न सिर्फ सांसदों की निजी गोपनीयता को प्रभावित कर सकता है, बल्कि संसदीय विशेषाधिकारों (Parliamentary Privileges) का भी गंभीर उल्लंघन बन सकता है।


पीटीआई के हवाले से क्या कहा गया


न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, लोकसभा सचिवालय द्वारा जारी निर्देश में कहा गया है—


“आजकल बाजार में स्मार्ट चश्मे, पेन कैमरा और स्मार्ट घड़ियों जैसे उन्नत डिजिटल उपकरण व्यापक रूप से उपलब्ध हैं। इनमें से कुछ उपकरणों का उपयोग इस तरह किया जा सकता है, जो सदस्यों की निजता से समझौता कर सकते हैं और संसदीय मर्यादाओं को भंग कर सकते हैं।”


संसद परिसर में सतर्कता की अपील


सचिवालय ने सांसदों से विशेष अनुरोध किया है कि वे पार्लियामेंट एस्टेट यानी संसद परिसर के किसी भी हिस्से में ऐसे उपकरणों का उपयोग न करें, जिनसे—

  • सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित हो

  • संवेदनशील जानकारी लीक होने का खतरा बढ़े

  • अन्य सांसदों या अधिकारियों की प्राइवेसी पर असर पड़े

इसमें संसद भवन, समिति कक्ष, लॉबी, गलियारे और अन्य संवेदनशील क्षेत्र शामिल हैं।


क्यों जरूरी है यह कदम


संसद देश की सर्वोच्च विधायी संस्था है, जहां राष्ट्रीय सुरक्षा, नीति निर्माण और संवेदनशील मुद्दों पर चर्चा होती है। ऐसे में किसी भी तरह की अनधिकृत रिकॉर्डिंग या निगरानी गंभीर सुरक्षा जोखिम पैदा कर सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि स्मार्ट डिवाइस के जरिए जासूसी, डेटा चोरी या गलत इस्तेमाल की आशंका को पूरी तरह नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।


पहले से लागू नियम और नई सख्ती


हालांकि संसद परिसर में मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के उपयोग को लेकर पहले से ही नियम मौजूद हैं, लेकिन नई तकनीकों के तेजी से बढ़ते इस्तेमाल को देखते हुए सचिवालय ने यह ताजा एडवाइजरी जारी की है। इसका उद्देश्य नियमों की याद दिलाना और सांसदों के बीच जागरूकता बढ़ाना है।


लोकसभा सचिवालय की यह सलाह संसद की सुरक्षा, गरिमा और गोपनीयता को बनाए रखने की दिशा में एक अहम पहल मानी जा रही है। स्मार्ट चश्मे, पेन कैमरा और स्मार्ट वॉच जैसे उपकरणों पर सतर्कता बरतने की अपील यह संदेश देती है कि तकनीक के दौर में भी संसदीय मर्यादाओं और नियमों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। आने वाले समय में इस तरह की सख्ती संसद की कार्यप्रणाली को और सुरक्षित बनाने में मददगार साबित हो सकती है।


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