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रूस-यूक्रेन युद्ध तीसरे विश्व युद्ध में बदल सकता है — अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की चेतावनी

  • Writer: Lucky Kumar
    Lucky Kumar
  • Dec 12, 2025
  • 3 min read


अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर गंभीर चेतावनी जारी की है। व्हाइट हाउस में गुरुवार को प्रेस ब्रीफिंग के दौरान ट्रंप ने कहा कि इस युद्ध के जारी रहने से यह तीसरे विश्व युद्ध जैसा रूप ले सकता है। उन्होंने पिछले महीने ही इस संघर्ष में लगभग 25,000 लोगों की मौत होने का खुलासा करते हुए इस निरंतर रक्तपात पर गहरी चिंता व्यक्त की।


ट्रंप का बयान: “अगर यह जारी रहा तो तीसरा विश्व युद्ध…”


ट्रंप ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि रूस-यूक्रेन युद्ध की घटनाएँ अगर बिना शांति समझौते के जारी रहीं तो इससे वैश्विक संघर्ष का खतरा बढ़ सकता है। उन्होंने कहा:


“मैं यह रक्तपात रुकता हुआ देखना चाहता हूं। पिछले महीने लगभग 25,000 लोग मारे गए — उनमें ज्यादातर सैनिक थे… लेकिन जब तक सब कोई ऐसे ही खेल खेलते रहेंगे, यह अंततः तीसरे विश्व युद्ध में बदल सकता है। और हम ऐसा नहीं चाहते।” 


उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि अमेरिका युद्ध को समाप्त करने के लिए सक्रिय रूप से प्रयास कर रहा है, लेकिन वर्तमान में शांति वार्ताओं में ठहराव और दोनों पक्षों के न झुकने से परिणाम नहीं मिल रहे हैं।


खूनखराबा और शांति प्रयासों पर चिंता


ट्रंप के बयान में यह बात भी सामने आई कि पिछले महीने हुई मौतों की संख्या ने उन्हें काफी निराश और चिंतित कर दिया है। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका इस युद्ध के समाधान के लिए लगातार काम कर रहा है, लेकिन अगर युद्ध को जल्द खत्म नहीं किया गया तो यह वैश्विक स्तर पर गंभीर परिणाम पैदा कर सकता है।


व्हाइट हाउस प्रेस सचिव करोलाइन लीविट ने बताया कि ट्रंप युद्ध को जल्द समाप्त कराने की दिशा में लगातार प्रयासरत हैं, लेकिन वे केवल “बातचीत के लिए बातचीत” में शामिल नहीं होना चाहते हैं — वह चाहते हैं कि कामयाब शांति प्रयास हों, न कि खाली बैठकें

ट्रंप की निराशा और शांति की आवश्यकता


ट्रंप की टिप्पणी यह संकेत देती है कि वह रूस-यूक्रेन युद्ध को लंबे समय तक खींचते देख “हताश” हैं। उन्होंने कहा कि वे चाहते हैं कि दोनों पक्ष बातचीत से युद्ध को रोकें—न कि संघर्ष जारी रखें। ट्रंप की नाराज़गी का यह अंदाज़ इस तथ्य से भी जुड़ा है कि दुनिया ने इस संघर्ष में लगातार बढ़ते जन-नुकसान और अस्थिरता का सामना किया है।


विश्लेषकों का कहना है कि ट्रंप की इस कड़ी चेतावनी का मकसद वैश्विक समुदाय को सचेत करना और युद्ध को एक वैश्विक तबाही में बदलने से रोकना है।


वैश्विक संदर्भ में बढ़ता तनाव


रूस-यूक्रेन युद्ध अब चार साल से अधिक समय से जारी है और इसमें हर महीने भारी मौतें और विनाश हो रहे हैं। पिछले महीनों में कई महत्वपूर्ण कूटनीतिक प्रयास भी हुए हैं, जैसे शांति बातचीत और समझौता प्रस्ताव। कुछ कदम ऐसे भी उठाए गए हैं जिनमें बैठकें रद्द हुईं या चर्चाएं गतिशील नहीं हो पाईं।


यूरोपीय देशों और NATO के नेताओं ने भी युद्ध से उत्पन्न होने वाले व्यापक प्रभावों के बारे में चेतावनी दी है और सदस्य राष्ट्रों को अपनी तैयारियों को बढ़ाने की बात कही है। यह संकेत देता है कि न केवल अमेरिका बल्कि यूरोप भी इस संघर्ष को गंभीरता से ले रहा है और इसके प्रभाव से सावधान है।


ट्रंप की नीतियों में क्या बदल रहा है?


ट्रंप प्रशासन ने शांति प्रयासों के लिए कई कदम उठाए हैं, जिनमें दोनों पक्षों के साथ बातचीत, मध्यस्थता और संभावित समझौते शामिल हैं। हालांकि बातचीत का क्रम पूरा परिणाम नहीं दे पाया है, ट्रंप बार-बार युद्ध को बंद करने की आवश्यकता पर ज़ोर दे रहे हैं।


विशेष रूप से, ट्रंप ने यह स्पष्ट किया है कि युद्ध को रोकने में सक्रिय भागीदारी रखनी चाहिए और केवल बैठकें ही नहीं, बल्कि परिणाम-उन्मुख कार्रवाई होनी चाहिए।


क्या होगा भविष्य में?


ट्रंप की चेतावनी यह संकेत देती है कि अगर युद्ध की स्थिति ऐसे ही बनी रही, तो यह न केवल यूक्रेन और रूस के लिए, बल्कि पूरी दुनिया के लिए एक गंभीर चुनौती बन सकता है। इस युद्ध के तेज़ी से फैलने और सहयोगियों के बीच तनाव बढ़ने जैसे कारण वैश्विक सुरक्षा का बड़ा सवाल बन चुके हैं।

विश्लेषकों का मानना है कि:


  • इस युद्ध की लंबी अवधि में आर्थिक, सैन्य और राजनैतिक प्रभाव दुनिया भर में दिखेंगे।


  • शांति वार्ता और अंतरराष्ट्रीय दबाव संघर्ष को समाप्त कराने की दिशा में सबसे महत्वपूर्ण कारक होंगे।


  • यदि तनाव और बढ़ता है, तो वैश्विक शक्तियों के बीच रिश्तों में और दरारें आ सकती हैं, जिससे संघर्ष और गहरा हो सकता है।


अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर जारी चेतावनी यह स्पष्ट करती है कि वर्तमान संघर्ष को लेकर वैश्विक चिंताएँ बढ़ रही हैं और यदि युद्ध को जल्द समाप्त नहीं किया गया, तो यह एक बड़े वैश्विक युद्ध की स्थिति तक पहुँच सकता है। ट्रंप के बयान ने दुनिया भर के नेताओं और आम जनता को इस मुद्दे पर गहराई से सोचने की प्रेरणा दी है कि युद्ध का समाधान कैसे निकाला जाए।

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