राबड़ी देवी के 10 सर्कुलर आवास को लेकर बिहार की राजनीति में फिर घमासान, जेडीयू–आरजेडी आमने-सामने
- Lucky Kumar
- Dec 27, 2025
- 2 min read

बिहार की सियासत में एक बार फिर पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के सरकारी आवास को लेकर सियासी तापमान बढ़ गया है। राजधानी पटना स्थित 10 सर्कुलर आवास को लेकर जेडीयू और आरजेडी के बीच तीखी बयानबाज़ी शुरू हो गई है। जेडीयू प्रवक्ता नीरज कुमार के एक बयान ने इस विवाद को नया मोड़ दे दिया है, जिस पर आरजेडी ने कड़ा पलटवार किया है।
जेडीयू का आरोप: बंगले में हो सकता है तहखाना
जेडीयू प्रवक्ता नीरज कुमार ने दावा किया कि 10 सर्कुलर आवास में तहखाने जैसी संरचना हो सकती है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि इतने वर्षों तक सरकारी आवास पर कब्जा बनाए रखने के पीछे आखिर क्या वजह है। नीरज कुमार ने यह भी कहा कि अगर आवास में कोई अवैध निर्माण हुआ है, तो उसकी जांच होनी चाहिए और सच्चाई जनता के सामने आनी चाहिए।
जेडीयू के इस बयान के बाद बिहार की राजनीति में हलचल मच गई और मामला तुरंत सुर्खियों में आ गया।
आरजेडी का पलटवार: राजनीतिक बदले की भावना
जेडीयू के आरोपों पर राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। आरजेडी नेताओं ने इसे पूरी तरह से राजनीतिक बदले की भावना करार दिया। पार्टी का कहना है कि राबड़ी देवी एक पूर्व मुख्यमंत्री हैं और उन्हें नियमानुसार सुरक्षा व आवास की सुविधा मिली हुई है।
आरजेडी नेताओं ने सवाल उठाया कि जब वर्षों से आवास को लेकर कोई आपत्ति नहीं थी, तो अब अचानक इस तरह के आरोप क्यों लगाए जा रहे हैं। पार्टी का आरोप है कि मौजूदा सरकार जनता के असली मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए ऐसे बयान दिलवा रही है।
पहले भी विवादों में रहा है 10 सर्कुलर आवास
यह पहली बार नहीं है जब 10 सर्कुलर आवास विवादों में आया हो। इससे पहले भी इस बंगले के आवंटन और कब्जे को लेकर राजनीतिक बयानबाज़ी होती रही है। सत्ता बदलने के साथ-साथ इस मुद्दे को समय-समय पर उठाया जाता रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि जैसे-जैसे बिहार में चुनावी माहौल बनेगा, वैसे-वैसे पुराने मुद्दों को फिर से हवा दी जाएगी।
सियासी बयानबाज़ी तेज, जनता असमंजस में
फिलहाल इस पूरे मामले में कोई आधिकारिक जांच या प्रशासनिक आदेश सामने नहीं आया है, लेकिन जेडीयू और आरजेडी के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो चुका है। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा और बड़ा रूप ले सकता है।
अब देखना दिलचस्प होगा कि यह विवाद केवल बयानबाज़ी तक सीमित रहता है या प्रशासनिक स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई होती है। फिलहाल बिहार की राजनीति में 10 सर्कुलर आवास एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गया है।




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