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यूपी में बीजेपी के ब्राह्मण विधायकों की बैठक पर पार्टी सख्त, प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी की चेतावनी

  • Writer: Lucky Kumar
    Lucky Kumar
  • Dec 26, 2025
  • 2 min read


उत्तर प्रदेश की राजनीति में उस समय हलचल तेज हो गई, जब भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कुछ ब्राह्मण विधायकों द्वारा अलग से बैठक किए जाने की खबर सामने आई। इस घटनाक्रम पर पार्टी नेतृत्व ने कड़ा रुख अपनाते हुए साफ कर दिया है कि इस तरह की गतिविधियां


अनुशासनहीनता मानी जाएंगी। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने इस मामले में सख्त चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि भविष्य में दोबारा ऐसा हुआ तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।


बैठक से पार्टी नेतृत्व नाराज़


सूत्रों के मुताबिक, ब्राह्मण विधायकों की यह बैठक बिना पार्टी की आधिकारिक अनुमति के आयोजित की गई थी। जैसे ही इसकी जानकारी प्रदेश नेतृत्व को मिली, पार्टी के भीतर इसे लेकर नाराज़गी देखी गई। बीजेपी का मानना है कि इस तरह की अलग-अलग जातीय या समूह आधारित बैठकें पार्टी की एकजुटता और संगठनात्मक अनुशासन को कमजोर करती हैं।


पंकज चौधरी का सख्त संदेश


प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने स्पष्ट शब्दों में कहा,


“पार्टी में हर किसी को अपनी बात रखने का पूरा अधिकार है, लेकिन इसके लिए संगठनात्मक मंच मौजूद हैं। अलग-अलग समूह बनाकर बैठक करना और नकारात्मक राजनीति करना गलत संदेश देता है। अगर दोबारा ऐसा हुआ, तो कार्रवाई तय है।”


उन्होंने यह भी कहा कि बीजेपी की ताकत उसकी अनुशासित कार्यशैली और सामूहिक निर्णय प्रक्रिया में है, न कि अलग-अलग गुटों में बंटकर राजनीति करने में।


नकारात्मक राजनीति से दूरी की हिदायत


पंकज चौधरी ने विधायकों और पार्टी नेताओं को नसीहत दी कि वे नकारात्मक राजनीति से दूर रहें। उन्होंने कहा कि ऐसी गतिविधियों से न सिर्फ पार्टी की छवि प्रभावित होती है, बल्कि जनता के बीच भी गलत संदेश जाता है। बीजेपी नेतृत्व चाहता है कि सभी जनप्रतिनिधि सरकार के कामकाज और विकास के मुद्दों पर फोकस करें।


विपक्ष को मौका न देने की रणनीति


राजनीतिक जानकारों का मानना है कि पार्टी नेतृत्व इस पूरे मामले को गंभीरता से इसलिए ले रहा है ताकि विपक्ष को कोई मुद्दा न मिले। उत्तर प्रदेश में जातीय राजनीति हमेशा संवेदनशील विषय रही है और बीजेपी नहीं चाहती कि इस तरह की बैठकों से जातिगत ध्रुवीकरण को बढ़ावा मिले।


संगठन में अनुशासन सर्वोपरि


बीजेपी नेतृत्व ने यह भी साफ किया कि पार्टी में हर वर्ग, हर समाज और हर नेता का सम्मान है, लेकिन संगठनात्मक अनुशासन सबसे ऊपर है। अगर किसी विधायक या नेता को कोई समस्या है तो उसे पार्टी फोरम पर रखा जाना चाहिए, न कि सार्वजनिक या अलग बैठकों के जरिए।


आने वाले समय में सख्ती के संकेत


इस चेतावनी के बाद यह साफ हो गया है कि बीजेपी नेतृत्व अब ऐसे मामलों में जीरो टॉलरेंस नीति अपनाने के मूड में है। आने वाले दिनों में पार्टी संगठन के स्तर पर विधायकों और नेताओं को और स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जा सकते हैं।


बीजेपी के ब्राह्मण विधायकों की बैठक पर प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी की सख्त चेतावनी यह संकेत देती है कि पार्टी अब किसी भी तरह की अनुशासनहीनता को बर्दाश्त नहीं करेगी। पार्टी नेतृत्व का फोकस साफ है—एकजुटता, अनुशासन और विकास की राजनीति। नकारात्मक या गुटबाजी की राजनीति से दूरी बनाकर बीजेपी आगामी राजनीतिक चुनौतियों का सामना करना चाहती है।

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