बिहार में महिला रोजगार योजना पर सियासी घमासान, RJD का आरोप—महिलाओं की जगह पुरुषों के खातों में गए ₹10 हजार
- Lucky Kumar
- Dec 15, 2025
- 2 min read

बिहार में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले शुरू की गई महिला रोजगार योजना अब राजनीतिक विवादों के केंद्र में आ गई है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अगुवाई वाली सरकार ने इस योजना के तहत राज्य की महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत करने के उद्देश्य से उनके खातों में 10-10 हजार रुपये ट्रांसफर किए थे। लेकिन अब विपक्षी दल राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने इस योजना को लेकर सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
RJD का बड़ा दावा
RJD का कहना है कि एनडीए सरकार ने चुनावी जल्दबाजी में बड़ी गलती कर दी। पार्टी के नेताओं का आरोप है कि योजना के तहत जिन महिलाओं को लाभ मिलना था, उनकी जगह कई पुरुषों के बैंक खातों में 10 हजार रुपये भेज दिए गए।
राजद का दावा है कि यह गलती बड़े पैमाने पर हुई है और इससे यह साफ होता है कि योजना को बिना पूरी जांच-पड़ताल के लागू किया गया।
पैसे वापस मांगने का आरोप
RJD ने सरकार पर एक और गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि अब जब यह गलती सामने आ रही है, तो सत्तारूढ़ गठबंधन के नेता और अधिकारी लोगों से पैसे वापस मांग रहे हैं। विपक्ष का कहना है कि गरीब परिवारों के लिए यह स्थिति बेहद परेशान करने वाली है, क्योंकि कई लोगों ने पहले ही इस रकम का इस्तेमाल कर लिया है।
चुनावी फायदे के लिए जल्दबाजी?
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि महिला रोजगार योजना को विधानसभा चुनाव से पहले एक बड़े वोट बैंक साधने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा था। RJD का आरोप है कि चुनावी लाभ के चक्कर में सरकार ने डेटा सत्यापन और पात्रता जांच में लापरवाही बरती, जिसका नतीजा अब सामने आ रहा है।
सरकार की ओर से सफाई?
फिलहाल सरकार या संबंधित विभाग की ओर से इन आरोपों पर कोई विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। हालांकि, सूत्रों का कहना है कि सरकार इस पूरे मामले की आंतरिक समीक्षा कर रही है और यदि कहीं तकनीकी या प्रशासनिक गलती हुई है, तो उसे सुधारा जाएगा।
सरकार समर्थक नेताओं का कहना है कि यह योजना महिलाओं के हित में बनाई गई है और विपक्ष इसे राजनीतिक रंग देने की कोशिश कर रहा है।
महिलाओं के बीच भ्रम और नाराजगी
इस विवाद के बाद कई इलाकों में महिलाओं के बीच भ्रम और नाराजगी देखने को मिल रही है। कुछ महिलाओं का कहना है कि उन्हें योजना का लाभ नहीं मिला, जबकि उनके परिवार के पुरुष सदस्यों के खातों में पैसे आने की खबरें सामने आ रही हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों में यह मुद्दा तेजी से चर्चा का विषय बनता जा रहा है।
क्या होगी आगे की कार्रवाई?
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि—
क्या सरकार इन आरोपों की जांच के आदेश देगी?
गलत खातों में गए पैसे का क्या समाधान निकलेगा?
और क्या इससे महिला रोजगार योजना की विश्वसनीयता पर असर पड़ेगा?
इन सवालों के जवाब आने वाले दिनों में सामने आ सकते हैं।
महिला रोजगार योजना को लेकर उठा यह विवाद बिहार की राजनीति में नया मोड़ ला सकता है। जहां सरकार इसे महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम बता रही है, वहीं विपक्ष इसे चुनावी स्टंट और प्रशासनिक विफलता करार दे रहा है। चुनाव से पहले इस मुद्दे पर सियासी बयानबाजी और तेज होने की पूरी संभावना है।




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