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बागेश्वर धाम में नवनीत राणा की धीरेंद्र शास्त्री से मुलाकात, बयान से सियासी हलचल तेज

  • Writer: Lucky Kumar
    Lucky Kumar
  • Dec 23, 2025
  • 3 min read


बीजेपी नेता और पूर्व सांसद नवनीत राणा एक बार फिर अपने बयानों को लेकर सुर्खियों में हैं। हाल ही में उन्होंने मध्य प्रदेश के छतरपुर स्थित बागेश्वर धाम सरकार के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र शास्त्री से मुलाकात की। इस मुलाकात की जानकारी नवनीत राणा ने स्वयं अपने सोशल मीडिया अकाउंट के जरिए साझा की, जिसके बाद यह चर्चा का विषय बन गई।


सोशल मीडिया पोस्ट से दी जानकारी


नवनीत राणा ने अपनी पोस्ट में बागेश्वर धाम पहुंचने और धीरेंद्र शास्त्री से मुलाकात की तस्वीरें साझा कीं। उन्होंने इसे आध्यात्मिक मुलाकात बताते हुए अपने विचार भी सार्वजनिक किए। हालांकि, इस दौरान दिए गए उनके बयान ने राजनीतिक और सामाजिक हलकों में नई बहस को जन्म दे दिया है।

बाबरी मस्जिद को लेकर दिया बयान


मुलाकात के दौरान नवनीत राणा ने कहा,“अगर मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद बनाई जाती है, तो मैं एक लाख राम नाम की ईंट लेकर वहां जाऊंगी।”


उनके इस बयान को लेकर राजनीतिक गलियारों में तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। समर्थक इसे आस्था और धार्मिक विश्वास से जोड़कर देख रहे हैं, वहीं विपक्षी दल इसे भड़काऊ और विवादित बयान बता रहे हैं।


जनसंख्या और बहुविवाह पर टिप्पणी


इसके साथ ही नवनीत राणा ने एक और बयान दिया, जिसने विवाद को और गहरा कर दिया। उन्होंने कहा,“एक मौलाना बोलता है कि मुझे चार बीवियां और 19 बच्चे हैं। मैं हर हिंदू से आह्वान करूंगी कि अगर वे 19 कर रहे हैं, तो हमें कम से कम चार तो करने चाहिए।”


इस टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई है। कुछ लोग इसे जनसंख्या नियंत्रण से जोड़कर देख रहे हैं, जबकि कई लोगों ने इसे समाज को बांटने वाला बयान बताया है।


राजनीतिक प्रतिक्रियाएं तेज


नवनीत राणा के इन बयानों के बाद विपक्षी दलों ने बीजेपी पर हमला बोलना शुरू कर दिया है। विपक्ष का कहना है कि इस तरह के बयान सामाजिक सौहार्द को नुकसान पहुंचाते हैं और चुनावी लाभ के लिए दिए जाते हैं। वहीं बीजेपी समर्थकों का तर्क है कि नवनीत राणा ने केवल एक वर्ग की मानसिकता पर सवाल उठाया है और हिंदू समाज को जागरूक करने की बात कही है।


पहले भी विवादों में रही हैं नवनीत राणा


यह पहली बार नहीं है जब नवनीत राणा अपने बयानों को लेकर विवादों में आई हों। इससे पहले भी वे धार्मिक और राजनीतिक मुद्दों पर अपने तीखे विचारों के कारण चर्चा में रह चुकी हैं। उनके समर्थक उन्हें बेबाक नेता मानते हैं, जबकि आलोचक अक्सर उनके बयानों को उकसाने वाला बताते हैं।


बागेश्वर धाम की बढ़ती राजनीतिक भूमिका


हाल के वर्षों में बागेश्वर धाम और उसके पीठाधीश्वर धीरेंद्र शास्त्री राजनीतिक और धार्मिक दोनों ही दृष्टिकोण से चर्चा में रहे हैं। देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं, वहीं कई राजनीतिक नेता भी यहां आस्था व्यक्त करने आते रहते हैं। नवनीत राणा की यह मुलाकात भी इसी कड़ी का हिस्सा मानी जा रही है।


सियासी माहौल और आगे की तस्वीर


नवनीत राणा के इस बयान के बाद यह साफ है कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा और तूल पकड़ सकता है। सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक मंचों तक इस बयान पर चर्चा जारी है। देखना होगा कि बीजेपी इस बयान से खुद को कैसे अलग या जोड़कर पेश करती है और विपक्ष इसे किस तरह भुनाने की कोशिश करता है।


फिलहाल, नवनीत राणा का यह बयान एक बार फिर यह साबित करता है कि धर्म और राजनीति का मेल भारतीय राजनीति में लगातार बहस और विवाद का विषय बना हुआ है।


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