प्रियंका गांधी के राजनीतिक भविष्य पर रॉबर्ट वाड्रा का बड़ा बयान, “प्रधानमंत्री के रूप में देखना चाहेंगे लोग”
- Lucky Kumar
- Dec 24, 2025
- 2 min read

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा को लेकर एक बार फिर सियासी चर्चाएं तेज हो गई हैं। इस बार वजह बना है उनके पति रॉबर्ट वाड्रा का बयान, जिसमें उन्होंने प्रियंका गांधी के राजनीतिक भविष्य को उज्ज्वल बताते हुए कहा कि आने वाले समय में बहुत से लोग उन्हें देश की प्रधानमंत्री के रूप में देखना चाहेंगे। वाड्रा के अनुसार, यह “सिर्फ समय की बात है” और ऐसा होकर रहेगा—यह बात उन्होंने पूरी तरह अपनी राय के तौर पर रखी।
बयान का सियासी संदर्भ
रॉबर्ट वाड्रा ने प्रियंका गांधी के राजनीतिक कामकाज और जनसंपर्क को लेकर खुलकर प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि प्रियंका गांधी जमीनी मुद्दों को अच्छी तरह समझती हैं और राजनीति में लोगों की राय को साथ लेकर चलने में विश्वास रखती हैं। वाड्रा का मानना है कि यही गुण उन्हें जनता से जोड़ता है और नेतृत्व के लिए मजबूत आधार तैयार करता है।
जमीनी राजनीति और जनसंवाद पर जोर
प्रियंका गांधी ने हाल के वर्षों में कांग्रेस संगठन के भीतर सक्रिय भूमिका निभाई है। वे चुनावी अभियानों, जनसभाओं और आंदोलनात्मक राजनीति के दौरान सीधे जनता से संवाद करती नजर आई हैं। किसानों, युवाओं, महिलाओं और मजदूरों जैसे वर्गों से जुड़े मुद्दों पर उनकी सक्रियता को पार्टी के भीतर एक जमीनी नेतृत्व शैली के रूप में देखा जाता है।
कांग्रेस में भूमिका और पहचान
कांग्रेस नेतृत्व में प्रियंका गांधी की पहचान एक ऐसे नेता के रूप में बनी है जो फील्ड पॉलिटिक्स को महत्व देती हैं। पार्टी रणनीति, जनआंदोलनों और संगठनात्मक गतिविधियों में उनकी मौजूदगी अक्सर चर्चा का विषय रहती है। समर्थकों का कहना है कि वे सहानुभूति, स्पष्टता और संवाद के जरिए राजनीतिक संदेश को प्रभावी ढंग से जनता तक पहुंचाती हैं।
प्रधानमंत्री पद को लेकर चर्चाएं
प्रधानमंत्री पद को लेकर रॉबर्ट वाड्रा का बयान राजनीतिक गलियारों में अटकलों को हवा देता है। हालांकि, यह स्पष्ट है कि यह भविष्य को लेकर व्यक्त की गई व्यक्तिगत राय है, न कि कोई आधिकारिक घोषणा या पार्टी का निर्णय। भारतीय राजनीति में नेतृत्व का चयन कई कारकों—चुनावी परिणाम, संगठनात्मक समर्थन और गठबंधन राजनीति—पर निर्भर करता है।
विपक्ष और समर्थकों की प्रतिक्रियाएं
वाड्रा के बयान के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाएं स्वाभाविक हैं। समर्थक इसे प्रियंका गांधी की लोकप्रियता और नेतृत्व क्षमता से जोड़कर देख रहे हैं, वहीं विपक्ष इसे अनावश्यक कयास बता रहा है। बावजूद इसके, बयान ने यह संकेत जरूर दिया है कि प्रियंका गांधी की भूमिका और भविष्य को लेकर जनचर्चा लगातार बनी हुई है।
रॉबर्ट वाड्रा का बयान भले ही एक व्यक्तिगत आकलन हो, लेकिन इससे यह साफ होता है कि प्रियंका गांधी की राजनीतिक सक्रियता और जनसंपर्क ने उन्हें राष्ट्रीय राजनीति में एक महत्वपूर्ण चेहरा बना दिया है। आने वाले समय में उनका राजनीतिक सफर किस दिशा में जाएगा, यह जनता और चुनावी प्रक्रिया तय करेगी, लेकिन इतना तय है कि उनका नाम भारतीय राजनीति की चर्चाओं में केंद्र में बना हुआ है।




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