पाकिस्तान में सियासी भूचाल: तोशाखाना-2 मामले में इमरान खान को 17 साल की सजा, समर्थकों से सड़कों पर उतरने की अपील
- Lucky Kumar
- Dec 22, 2025
- 2 min read

पाकिस्तान की राजनीति एक बार फिर उथल-पुथल के दौर से गुजर रही है। पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को तोशाखाना-2 भ्रष्टाचार मामले में 17 साल की सजा सुनाए जाने के बाद देश का राजनीतिक माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया है। जेल में बंद इमरान खान ने इस फैसले को अन्यायपूर्ण बताते हुए अपने समर्थकों से सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करने की अपील की है।
इस ऐलान के बाद पाकिस्तान सरकार और प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। खासकर रावलपिंडी और इसके आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था को अभूतपूर्व रूप से कड़ा कर दिया गया है।
रावलपिंडी में हाई अलर्ट, भारी सुरक्षा बल तैनात
इमरान खान के विरोध प्रदर्शन के आह्वान को देखते हुए रावलपिंडी में जगह-जगह बैरिकेडिंग, नाकेबंदी और सख्त चेकिंग शुरू कर दी गई है। प्रमुख सड़कों, सरकारी इमारतों और संवेदनशील इलाकों में बड़ी संख्या में पुलिस, रेंजर्स और अन्य सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है।
प्रशासन को आशंका है कि पीटीआई समर्थक बड़ी संख्या में सड़कों पर उतर सकते हैं, जिससे कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ सकती है। इसी कारण इंटरनेट सेवाओं पर नजर, सार्वजनिक सभाओं पर रोक और सुरक्षा गश्त को तेज किया गया है।
इमरान खान का आरोप: “फैसला राजनीति से प्रेरित”
अदियाला जेल में बंद इमरान खान ने अदालत के फैसले पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि यह फैसला जल्दबाजी में और राजनीतिक दबाव में लिया गया है। इमरान खान का आरोप है कि उनके साथ न्याय नहीं हुआ और उन्हें सुनियोजित तरीके से राजनीति से बाहर करने की कोशिश की जा रही है।
उन्होंने साफ कहा कि वे इस फैसले के खिलाफ हाई कोर्ट में अपील करेंगे और कानूनी लड़ाई जारी रखेंगे। साथ ही, उन्होंने अपने समर्थकों से शांतिपूर्ण तरीके से लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए आवाज उठाने की अपील की है।
पीटीआई समर्थकों में उबाल
इमरान खान की सजा की खबर सामने आते ही पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के समर्थकों में गुस्सा देखने को मिल रहा है। सोशल मीडिया पर विरोध तेज हो गया है और कई जगहों पर प्रदर्शन की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। पार्टी नेताओं का दावा है कि यह फैसला लोकतंत्र पर हमला है।
हालांकि, सरकार का कहना है कि कानून सभी के लिए समान है और अदालत के फैसले में किसी तरह का राजनीतिक हस्तक्षेप नहीं किया गया है।
पाकिस्तान की राजनीति में बढ़ता तनाव
तोशाखाना-2 मामले में सजा और विरोध प्रदर्शन के ऐलान ने पाकिस्तान में पहले से मौजूद राजनीतिक अस्थिरता को और गहरा कर दिया है। एक तरफ आर्थिक संकट से जूझ रहा पाकिस्तान है, तो दूसरी तरफ सियासी टकराव देश की स्थिरता पर सवाल खड़े कर रहा है।
विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में पाकिस्तान की राजनीति और ज्यादा गरमा सकती है। अगर विरोध प्रदर्शन बड़े पैमाने पर हुए, तो इसका असर देश की कानून-व्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय छवि पर भी पड़ सकता है।
आगे क्या?
अब सबकी नजर हाई कोर्ट की सुनवाई और सरकार के अगले कदमों पर टिकी है। यह देखना अहम होगा कि इमरान खान की अपील पर अदालत क्या रुख अपनाती है और क्या पाकिस्तान इस सियासी संकट से बाहर निकल पाता है या नहीं।




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