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दिल्ली की हवा फिर बनी जानलेवा, AQI 500 के पार; आनंद विहार सबसे प्रदूषित इलाका

  • Dec 29, 2025
  • 2 min read


देश की राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की हवा एक बार फिर गंभीर स्वास्थ्य संकट का कारण बनती जा रही है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 500 के पार पहुंच गया है, जो ‘गंभीर’ श्रेणी में आता है। राजधानी के 19 निगरानी केंद्रों पर वायु गुणवत्ता बेहद खराब दर्ज की गई, जिसमें आनंद विहार क्षेत्र सबसे अधिक प्रदूषित पाया गया।


19 निगरानी केंद्रों पर गंभीर स्थिति


CPCB के अनुसार, दिल्ली के अधिकांश हिस्सों में हवा सांस लेने लायक नहीं बची है। 19 मॉनिटरिंग स्टेशनों पर AQI ‘गंभीर’ श्रेणी में दर्ज किया गया है। आनंद विहार का AQI सबसे अधिक रिकॉर्ड किया गया, जो स्वास्थ्य के लिए अत्यंत खतरनाक स्तर पर पहुंच चुका है। इसके अलावा जहांगीरपुरी, बवाना, विवेक विहार, रोहिणी और द्वारका जैसे इलाकों में भी हालात चिंताजनक बने हुए हैं।


क्यों बिगड़ रही है दिल्ली की हवा?


विशेषज्ञों का कहना है कि दिल्ली में वायु प्रदूषण बढ़ने के पीछे कई कारण जिम्मेदार हैं:


  • पराली जलाने से उठने वाला धुआं

  • वाहनों से निकलने वाला प्रदूषण

  • निर्माण कार्यों से उड़ती धूल

  • औद्योगिक उत्सर्जन

  • कम हवा की गति और प्रतिकूल मौसम

इन सभी कारणों के चलते प्रदूषक कण वातावरण में जमा हो जाते हैं और स्मॉग की स्थिति बन जाती है।


स्वास्थ्य पर गंभीर असर


AQI के 500 के पार पहुंचने से आम लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ रहा है। डॉक्टरों के अनुसार, इस स्तर की हवा में सांस लेना बेहद खतरनाक हो सकता है। खासकर बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और अस्थमा या हृदय रोग से पीड़ित लोगों को अधिक खतरा है।

संभावित स्वास्थ्य समस्याएं:


  • सांस लेने में तकलीफ

  • आंखों और गले में जलन

  • सिरदर्द और थकान

  • फेफड़ों और दिल की बीमारियों का खतरा


सरकार ने जारी किया ऑरेंज अलर्ट


बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए प्रशासन ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। लोगों को गैर-जरूरी रूप से घर से बाहर न निकलने की सलाह दी गई है। साथ ही स्कूलों में आउटडोर गतिविधियों पर रोक, निर्माण कार्यों पर नियंत्रण और वाहनों के उपयोग को सीमित करने जैसे कदम उठाए जा सकते हैं।


आम लोगों के लिए क्या है सलाह?


विशेषज्ञों और प्रशासन ने लोगों से कुछ जरूरी सावधानियां बरतने की अपील की है:


  • बाहर निकलते समय N95 मास्क का उपयोग करें

  • बच्चों और बुजुर्गों को घर में ही रखें

  • खुले में व्यायाम करने से बचें

  • घर में एयर प्यूरीफायर का इस्तेमाल करें

  • अधिक पानी पिएं और संतुलित आहार लें


कब सुधरेगी स्थिति?


मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, हवा की गति बढ़ने या बारिश होने पर प्रदूषण के स्तर में कुछ सुधार देखने को मिल सकता है। हालांकि, फिलहाल अगले कुछ दिनों तक राहत की संभावना कम ही जताई जा रही है।


दिल्ली में वायु प्रदूषण एक बार फिर गंभीर स्तर पर पहुंच चुका है और यह सिर्फ एक पर्यावरणीय नहीं बल्कि स्वास्थ्य आपातकाल बनता जा रहा है। जरूरत है कि सरकार, प्रशासन और आम जनता मिलकर ठोस कदम उठाएं, ताकि आने वाले समय में राजधानी को इस जहरीली हवा से राहत मिल सके।

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