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नए साल से पहले दिल्लीवासियों को राहत, GRAP-4 की पाबंदियां हटीं, GRAP-3 रहेगा लागू

  • Writer: Lucky Kumar
    Lucky Kumar
  • Dec 25, 2025
  • 2 min read

नए साल से ठीक पहले दिल्ली के लोगों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। राजधानी में वायु प्रदूषण के स्तर में सुधार को देखते हुए GRAP-4 (ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान स्टेज-4) की कड़ी पाबंदियां हटा दी गई हैं। हालांकि, प्रदूषण पर पूरी तरह नियंत्रण न होने के कारण GRAP-3 की पाबंदियां अभी भी लागू रहेंगी। यह फैसला वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में लिया है।


CAQM का फैसला और कानूनी पृष्ठभूमि


CAQM ने यह निर्णय 21 नवंबर 2025 को जारी संशोधित GRAP के तहत लिया है। आयोग के अनुसार, बीते दिनों में मौसम की स्थिति और हवा की गुणवत्ता में कुछ हद तक सुधार देखने को मिला, जिसके चलते स्टेज-4 को हटाने का निर्णय संभव हो पाया।गौरतलब है कि इससे पहले 14 अक्टूबर, 19 अक्टूबर और 13 दिसंबर 2025 के आदेशों के अनुसार GRAP के स्टेज-1, 2, 3 और 4 एक साथ लागू थे, जिससे दिल्ली-एनसीआर में सामान्य जनजीवन पर काफी असर पड़ा था।


क्या थीं GRAP-4 की सख्त पाबंदियां


GRAP-4 को प्रदूषण की “गंभीर” स्थिति में लागू किया जाता है। इसके तहत—

  • निर्माण और तोड़-फोड़ गतिविधियों पर लगभग पूर्ण रोक

  • गैर-जरूरी भारी वाहनों की एंट्री पर प्रतिबंध

  • डीजल जनरेटर के इस्तेमाल पर सख्ती

  • स्कूलों और कार्यालयों को लेकर विशेष दिशानिर्देशजैसी कड़ी पाबंदियां लागू थीं। इनके हटने से अब कुछ हद तक आर्थिक और सामाजिक गतिविधियों को राहत मिलेगी।


GRAP-3 की पाबंदियां अब भी जारी


हालांकि राहत पूरी नहीं है। GRAP-3 अभी भी लागू रहेगा, जिसका मतलब है कि—

  • निर्माण कार्य सीमित दायरे में ही होंगे

  • BS-III पेट्रोल और BS-IV डीजल वाहनों पर रोक जारी रहेगी

  • खुले में कचरा जलाने और धूल फैलाने वाली गतिविधियों पर सख्ती बनी रहेगीप्रशासन ने साफ किया है कि प्रदूषण के स्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है और स्थिति बिगड़ने पर फिर से कड़े कदम उठाए जा सकते हैं।


‘नो पीयूसी, नो फ्यूल’ नियम जारी


दिल्ली सरकार ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि GRAP-4 हटने के बावजूद ‘नो पीयूसी, नो फ्यूल’ का नियम जारी रहेगा। यानी जिन वाहनों के पास वैध PUC (Pollution Under Control) सर्टिफिकेट नहीं होगा, उन्हें पेट्रोल या डीजल नहीं दिया जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे वाहनों से होने वाले प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सकेगा।


जनता और प्रशासन की जिम्मेदारी


विशेषज्ञों का कहना है कि यह राहत अस्थायी है। सर्दियों के मौसम में प्रदूषण का स्तर फिर बढ़ सकता है। ऐसे में प्रशासन के साथ-साथ आम लोगों की भी जिम्मेदारी है कि वे—

  • निजी वाहनों का कम उपयोग करें

  • सार्वजनिक परिवहन अपनाएं

  • कचरा न जलाएं

  • पर्यावरण-अनुकूल विकल्पों को बढ़ावा दें


नए साल से पहले GRAP-4 की पाबंदियों का हटना दिल्लीवासियों के लिए राहत जरूर है, लेकिन खतरा अभी टला नहीं है। GRAP-3 की सख्ती और ‘नो पीयूसी, नो फ्यूल’ नियम यह साफ संकेत देते हैं कि सरकार किसी भी कीमत पर प्रदूषण को नजरअंदाज नहीं करना चाहती। आने वाले दिनों में हवा की गुणवत्ता कैसी रहती है, इस पर आगे की रणनीति निर्भर करेगी।

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