तोशाखाना-II भ्रष्टाचार मामला: इमरान खान और बुशरा बीबी को 17-17 साल की सजा, पाकिस्तान की राजनीति में बड़ा भूचाल
- Lucky Kumar
- Dec 20, 2025
- 2 min read

पाकिस्तान की राजनीति में एक बार फिर बड़ा भूचाल आया है। देश के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान और उनकी पत्नी बुशरा बीबी को भ्रष्टाचार के एक गंभीर मामले में करारा झटका लगा है। फेडरल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (FIA) की विशेष अदालत ने तोशाखाना-II भ्रष्टाचार मामले में दोनों को दोषी ठहराते हुए 17-17 साल की कठोर जेल की सजा सुनाई है। इसके साथ ही अदालत ने दोनों पर 1 करोड़ 64 लाख पाकिस्तानी रुपये का भारी जुर्माना भी लगाया है।
यह फैसला पाकिस्तान की राजनीति, न्याय व्यवस्था और सत्ता के दुरुपयोग को लेकर एक अहम मोड़ माना जा रहा है।
क्या है तोशाखाना-II मामला?
तोशाखाना वह सरकारी विभाग होता है, जहां विदेशी राष्ट्राध्यक्षों और गणमान्य व्यक्तियों द्वारा दिए गए उपहार जमा किए जाते हैं। नियमों के अनुसार, इन उपहारों को या तो सरकारी संपत्ति माना जाता है या तय प्रक्रिया के तहत उनकी कीमत चुकाकर खरीदा जाता है।
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, तोशाखाना-II मामला वर्ष 2021 से जुड़ा है, जब सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस द्वारा इमरान खान को एक बेहद कीमती बुल्गारी ज्वेलरी सेट उपहार में दिया गया था। जांच में सामने आया कि इस ज्वेलरी की वास्तविक बाजार कीमत 7 करोड़ 15 लाख पाकिस्तानी रुपये से अधिक थी, लेकिन इसे नियमों का उल्लंघन करते हुए मात्र 58 लाख रुपये में खरीदा गया।
अदालत ने क्यों ठहराया दोषी?
FIA की जांच में यह स्पष्ट हुआ कि इस सौदे में सरकारी नियमों की अनदेखी की गई और सरकारी विश्वास के साथ धोखाधड़ी की गई। अदालत ने इसे भ्रष्ट आचरण और आपराधिक विश्वासघात करार दिया।
अदालत के फैसले के अनुसार:
इमरान खान को
आपराधिक विश्वासघात के तहत 10 साल
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत 7 साल
कुल 17 साल की सजा
बुशरा बीबी को भी
समान धाराओं में 17 साल की सजा
इसके अलावा, दोनों पर संयुक्त रूप से 1 करोड़ 64 लाख पाकिस्तानी रुपये का जुर्माना लगाया गया है। जुर्माना अदा न करने की स्थिति में उन्हें अतिरिक्त जेल की सजा भुगतनी होगी।
इमरान खान के लिए बढ़ीं मुश्किलें
यह फैसला ऐसे समय में आया है जब इमरान खान पहले से ही कई कानूनी मामलों में फंसे हुए हैं। तोशाखाना-I मामले में भी उन पर पहले आरोप लग चुके हैं। अब तोशाखाना-II केस में सजा मिलने से उनकी राजनीतिक वापसी की संभावनाओं को बड़ा झटका लगा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला पाकिस्तान की राजनीति में सत्ता और न्यायपालिका के बीच चल रहे टकराव को और गहरा कर सकता है।
पाकिस्तान की राजनीति पर असर
इस फैसले के बाद पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) समर्थकों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। पार्टी नेताओं का आरोप है कि इमरान खान को राजनीतिक प्रतिशोध का शिकार बनाया जा रहा है, जबकि सरकार समर्थक इसे कानून के शासन की जीत बता रहे हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, यह फैसला आने वाले समय में पाकिस्तान की राजनीति, चुनावी समीकरणों और सत्ता संतुलन पर गहरा असर डाल सकता है।
आगे क्या?
अब इमरान खान और बुशरा बीबी के पास उच्च अदालत में अपील करने का विकल्प मौजूद है। हालांकि, तब तक यह सजा उनके राजनीतिक भविष्य और सार्वजनिक छवि पर गंभीर सवाल खड़े करती रहेगी।
तोशाखाना-II मामला सिर्फ एक भ्रष्टाचार केस नहीं, बल्कि पाकिस्तान में सत्ता, नैतिकता और कानून के रिश्ते को उजागर करने वाला एक बड़ा उदाहरण बन चुका है।




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