उन्नाव रेप केस में कुलदीप सिंह सेंगर को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका, दिल्ली हाईकोर्ट के जमानत आदेश पर रोक
- Lucky Kumar
- Dec 29, 2025
- 2 min read

उन्नाव रेप केस में दोषी ठहराए जा चुके पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। देश की सर्वोच्च अदालत ने दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा दी गई जमानत पर रोक लगा दी है। इससे पहले दिल्ली हाईकोर्ट ने नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में कुलदीप सेंगर को जमानत दी थी, जिसके खिलाफ सीबीआई (CBI) ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।
क्या है पूरा मामला?
उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले से जुड़ा यह मामला देश के सबसे चर्चित और संवेदनशील मामलों में से एक रहा है। कुलदीप सिंह सेंगर पर नाबालिग लड़की से रेप का आरोप लगा था। जांच के बाद यह मामला सीबीआई को सौंपा गया और लंबी सुनवाई के बाद अदालत ने उन्हें दोषी करार दिया।
हालांकि, सजा के दौरान दिल्ली हाईकोर्ट ने एक मामले में कुलदीप सेंगर को जमानत दे दी थी, जिस पर पीड़िता पक्ष और जांच एजेंसी ने कड़ी आपत्ति जताई थी।
CBI ने क्यों दी सुप्रीम कोर्ट में चुनौती?
सीबीआई ने दिल्ली हाईकोर्ट के जमानत आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देते हुए कहा कि:
मामला नाबालिग से दुष्कर्म जैसा गंभीर अपराध से जुड़ा है
दोषसिद्ध व्यक्ति को जमानत देना पीड़िता के अधिकारों और न्याय व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है
जमानत से समाज में गलत संदेश जा सकता है
सीबीआई का तर्क था कि ऐसे मामलों में सख्ती जरूरी है ताकि पीड़ितों को न्याय मिल सके और भविष्य में इस तरह के अपराधों पर रोक लगे।
सुप्रीम कोर्ट का फैसला
सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई की दलीलों को गंभीरता से सुनते हुए दिल्ली हाईकोर्ट के जमानत आदेश पर रोक लगा दी। इसके साथ ही अदालत ने साफ संकेत दिए कि वह इस मामले की गहराई से समीक्षा करेगी।
सर्वोच्च अदालत के इस फैसले को पीड़िता के पक्ष में एक अहम कदम माना जा रहा है।
पीड़िता और समाज के लिए अहम संदेश
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला न केवल इस केस में बल्कि भविष्य में ऐसे संवेदनशील मामलों के लिए भी एक मजबूत मिसाल बन सकता है। इससे यह संदेश जाता है कि:
नाबालिगों से जुड़े यौन अपराधों में किसी तरह की नरमी नहीं बरती जाएगी
दोषी पाए गए लोगों को कानून के तहत सख्त जवाबदेही तय की जाएगी
राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रिया
इस फैसले के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है। कई सामाजिक संगठनों और महिला अधिकार समूहों ने सुप्रीम कोर्ट के इस कदम का स्वागत किया है और इसे न्याय की दिशा में बड़ा कदम बताया है।
आगे क्या?
अब इस मामले में सुप्रीम कोर्ट आगे की सुनवाई करेगा और यह तय किया जाएगा कि दिल्ली हाईकोर्ट का जमानत आदेश कानूनन कितना उचित था। तब तक कुलदीप सिंह सेंगर को जमानत का लाभ नहीं मिलेगा।
उन्नाव रेप केस में सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिल्ली हाईकोर्ट के जमानत आदेश पर रोक लगाना यह दर्शाता है कि न्यायपालिका नाबालिगों से जुड़े यौन अपराधों को लेकर बेहद गंभीर है। यह फैसला न सिर्फ पीड़िता के लिए बल्कि पूरे समाज के लिए न्याय और कानून के प्रति विश्वास को मजबूत करने वाला माना जा रहा है।




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