उत्तर प्रदेश में कोडीन कफ सिरप मामला: विधानसभा में गरमाई सियासत, मुख्यमंत्री योगी का विपक्ष पर तीखा हमला
- Lucky Kumar
- Dec 23, 2025
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उत्तर प्रदेश में कोडीन युक्त कफ सिरप की अवैध तस्करी और उसके कथित राजनीतिक संरक्षण को लेकर सियासी घमासान तेज होता जा रहा है। इस मुद्दे पर सोमवार (22 दिसंबर) को विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान माहौल उस वक्त और गरमा गया, जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष पर सीधा हमला बोलते हुए कड़े शब्दों में चेतावनी दी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट किया कि कोडीन कफ सिरप के अवैध कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह कितना ही प्रभावशाली क्यों न हो। उन्होंने कहा कि सरकार इस मामले में जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है और कार्रवाई अपने अंतिम चरण तक पहुंचाई जाएगी।
विपक्ष पर मुख्यमंत्री का तीखा प्रहार
विधानसभा में बोलते हुए मुख्यमंत्री योगी ने विपक्ष को घेरते हुए कहा,
“सरकार की कार्रवाई जब अपने अंतिम स्तर पर जाएगी, तब आपमें से बहुत से लोग फातिहा पढ़ने जाएंगे और आपको फातिहा पढ़ने लायक भी नहीं छोड़ा जाएगा। तब तक ऐसी कार्रवाई हम कर देंगे।”
मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद सदन में हंगामा देखने को मिला। विपक्षी दलों ने इस बयान को असंवैधानिक और धमकी भरा बताया, जबकि सत्तापक्ष के विधायकों ने मुख्यमंत्री के बयान का जोरदार समर्थन किया।
कोडीन कफ सिरप मामला क्या है?
कोडीन युक्त कफ सिरप का उपयोग सीमित मात्रा में चिकित्सकीय उद्देश्यों के लिए किया जाता है, लेकिन बीते कुछ वर्षों में इसका बड़े पैमाने पर नशे के रूप में दुरुपयोग सामने आया है। उत्तर प्रदेश में इस अवैध कारोबार के तार कई जिलों से जुड़े बताए जा रहे हैं। जांच एजेंसियों ने अब तक कई गोदामों पर छापेमारी की है और बड़ी मात्रा में कफ सिरप जब्त किया है।
सरकार का दावा है कि इस नेटवर्क में शामिल तस्करों, सप्लायरों और उनके राजनीतिक संरक्षणकर्ताओं की पहचान की जा चुकी है और जल्द ही बड़ी कार्रवाई की जाएगी।
विपक्ष के आरोप और सरकार का जवाब
विपक्षी दलों ने सरकार पर चयनात्मक कार्रवाई का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि सत्ताधारी दल से जुड़े लोगों को बचाया जा रहा है, जबकि विपक्षी नेताओं को निशाना बनाया जा रहा है। वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि कानून सभी के लिए समान है और दोषी चाहे किसी भी पार्टी से जुड़ा हो, उसे सजा जरूर मिलेगी।
कानून-व्यवस्था पर सरकार का सख्त रुख
मुख्यमंत्री ने यह भी दोहराया कि उनकी सरकार ने नशे के खिलाफ निर्णायक लड़ाई छेड़ी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश को नशा मुक्त बनाना सरकार की प्राथमिकता है और इसके लिए कठोर से कठोर कदम उठाए जाएंगे।
सियासी तापमान और बढ़ने के आसार
मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद साफ है कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा और तूल पकड़ सकता है। विपक्ष इसे लेकर सड़क से सदन तक सरकार को घेरने की रणनीति बना रहा है, जबकि सरकार अपनी कार्रवाई को और तेज करने के संकेत दे रही है।
उत्तर प्रदेश की राजनीति में कोडीन कफ सिरप मामला अब सिर्फ कानून-व्यवस्था का नहीं, बल्कि एक बड़ा सियासी मुद्दा बन चुका है, जिस पर आने वाले समय में और भी बड़े खुलासे और सख्त कदम देखने को मिल सकते हैं।




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