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लुधियाना सेंट्रल जेल में बड़ा बवाल: कैदियों के दो गुटों में हिंसक झड़प, सुपरिटेंडेंट कुलवंत सिद्धू पर हमला

  • Writer: Sonu Yadav
    Sonu Yadav
  • Dec 17, 2020
  • 3 min read

पंजाब के लुधियाना से एक बेहद हैरान करने वाला और गंभीर मामला सामने आया है, जिसने राज्य की जेल सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ताजपुर रोड स्थित लुधियाना सेंट्रल जेल में 16 दिसंबर की शाम करीब 7 बजे उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब जेल के भीतर बंद कैदियों के बीच अचानक हिंसक झड़प हो गई। देखते ही देखते हालात इतने बिगड़ गए कि जेल प्रशासन को स्थिति संभालने में भारी मशक्कत करनी पड़ी।


मामूली विवाद से शुरू हुआ बड़ा संघर्ष


प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, जेल के अंदर किसी बात को लेकर कैदियों के बीच कहासुनी शुरू हुई थी। शुरुआत में मामला सामान्य विवाद जैसा लग रहा था, लेकिन कुछ ही देर में यह झगड़ा हिंसक टकराव में बदल गया। बताया जा रहा है कि जेल के अंदर मौजूद दो गुटों के कैदी आमने-सामने आ गए, जिसके बाद लाठी-डंडों और अन्य वस्तुओं से एक-दूसरे पर हमला किया गया।


जेल प्रशासन के हाथ-पांव फूले


जैसे ही झड़प की सूचना जेल अधिकारियों को मिली, तुरंत सुरक्षाकर्मियों को मौके पर भेजा गया। हालांकि, कैदियों की संख्या अधिक होने और स्थिति तेजी से बिगड़ने के कारण जेल प्रशासन को हालात काबू में लाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कुछ समय के लिए जेल परिसर पूरी तरह तनावपूर्ण माहौल में बदल गया।


सुपरिटेंडेंट कुलवंत सिद्धू पर भी हमला


इस पूरे घटनाक्रम के दौरान जेल के सुपरिटेंडेंट कुलवंत सिद्धू हालात संभालने के लिए मौके पर पहुंचे। इसी दौरान उन पर भी हमला किए जाने की सूचना सामने आई है। बताया जा रहा है कि झड़प के बीच उन्हें चोटें आईं, जिसके बाद सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें तुरंत सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। हालांकि उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है, लेकिन इस घटना ने जेल सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है।


कई कैदी घायल, अस्पताल भेजे गए


हिंसक झड़प में कई कैदियों के घायल होने की भी खबर है। कुछ कैदियों को जेल के अंदर ही प्राथमिक उपचार दिया गया, जबकि गंभीर रूप से घायल कैदियों को इलाज के लिए सिविल अस्पताल रेफर किया गया। अस्पताल प्रशासन को भी अलर्ट पर रखा गया।


अतिरिक्त पुलिस बल तैनात, जेल हाई अलर्ट पर


घटना की गंभीरता को देखते हुए जेल परिसर और उसके आसपास अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। पूरे जेल को हाई अलर्ट पर रखा गया है। सभी बैरकों की सघन तलाशी ली जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि झड़प में किसी तरह के हथियार या प्रतिबंधित सामान का इस्तेमाल तो नहीं हुआ।


झड़प के कारणों की जांच शुरू


फिलहाल झड़प के पीछे के कारणों की जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि यह घटना पुरानी रंजिश, आपसी वर्चस्व की लड़ाई या किसी अन्य विवाद का नतीजा हो सकती है। CCTV फुटेज खंगाले जा रहे हैं और चश्मदीद कैदियों से पूछताछ की जा रही है।


जेलों की सुरक्षा पर उठे सवाल


इस घटना ने पंजाब की जेलों में सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि जेलों में कैदियों की संख्या अधिक होने, स्टाफ की कमी और लगातार बढ़ते तनाव के कारण ऐसी घटनाएं सामने आ रही हैं।


प्रशासन का बयान


जेल प्रशासन की ओर से कहा गया है कि हालात पूरी तरह नियंत्रण में हैं और दोषी कैदियों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा।


लुधियाना सेंट्रल जेल में हुई यह हिंसक घटना न केवल जेल प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बनकर सामने आई है, बल्कि यह राज्य की जेल व्यवस्था में सुधार की जरूरत को भी उजागर करती है। कैदियों के बीच बढ़ते तनाव और हिंसा को रोकने के लिए कड़े कदम, बेहतर निगरानी और सुधारात्मक नीतियों की सख्त जरूरत है।

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