भीषण ठंड का कहर: पटना में कक्षा 8 तक स्कूल और आंगनबाड़ी 26 दिसंबर तक बंद, लखनऊ में भी बदला स्कूल संचालन
- Lucky Kumar
- Dec 23, 2025
- 3 min read

देश के उत्तरी और पूर्वी हिस्सों में इस समय कड़ाके की ठंड और शीतलहर का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। न्यूनतम तापमान में आई तेज गिरावट और घने कोहरे के चलते जनजीवन प्रभावित हो रहा है। खासकर छोटे बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए प्रशासनिक स्तर पर एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं। इसी क्रम में बिहार की राजधानी पटना और उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में जिला प्रशासन ने स्कूलों को लेकर अहम फैसले लिए हैं।
पटना में 8वीं तक के स्कूल और आंगनबाड़ी बंद
पटना जिला प्रशासन ने भीषण ठंड और लगातार गिरते तापमान को देखते हुए बड़ा निर्णय लिया है। जिलाधिकारी के आदेश के अनुसार जिले में कक्षा 8वीं तक के सभी सरकारी और गैर-सरकारी स्कूलों के साथ-साथ आंगनबाड़ी केंद्रों को 26 दिसंबर 2025 तक बंद रखने का निर्देश जारी किया गया है।
प्रशासन का मानना है कि अत्यधिक ठंड के कारण छोटे बच्चों के बीमार पड़ने का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में स्कूलों का संचालन बच्चों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है। इसी वजह से एहतियातन यह फैसला लिया गया है।
10वीं से 12वीं तक के छात्रों के लिए तय समय-सीमा
हालांकि, बोर्ड परीक्षाओं को ध्यान में रखते हुए कक्षा 10वीं से 12वीं तक के छात्रों के लिए स्कूल पूरी तरह बंद नहीं किए गए हैं। इनके लिए स्कूल संचालन की विशेष समय-सीमा निर्धारित की गई है, ताकि ठंड के दौरान बच्चों को लंबे समय तक स्कूल में न रहना पड़े और उनकी पढ़ाई भी प्रभावित न हो।
प्रशासन ने स्कूल प्रबंधन को निर्देश दिया है कि वे समय-सीमा का सख्ती से पालन करें और छात्रों की सुरक्षा व स्वास्थ्य को प्राथमिकता दें।
लखनऊ में भी ठंड का असर, स्कूल टाइमिंग में बदलाव
बिहार के साथ-साथ उत्तर प्रदेश में भी ठंड और कोहरे का असर साफ नजर आ रहा है। राजधानी लखनऊ में जिलाधिकारी के आदेश पर 24 से 27 दिसंबर तक प्री-नर्सरी और नर्सरी कक्षाओं की छुट्टी घोषित की गई है।
इसके अलावा, कक्षा 1 से 8 तक के सभी बोर्ड के स्कूल 24 दिसंबर से अगले आदेश तक सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक ही संचालित होंगे। सुबह के समय घने कोहरे और कम तापमान के कारण बच्चों को होने वाली परेशानियों को देखते हुए यह फैसला लिया गया है।
बच्चों की सेहत सर्वोपरि
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि ठंड के मौसम में छोटे बच्चों को सर्दी, खांसी, बुखार और सांस संबंधी बीमारियों का खतरा अधिक रहता है। सुबह-सुबह ठंडी हवा और कोहरे में स्कूल जाना बच्चों के लिए नुकसानदायक हो सकता है। ऐसे में जिला प्रशासन द्वारा उठाए गए ये कदम बच्चों की सुरक्षा की दिशा में अहम माने जा रहे हैं।
अभिभावकों और स्कूल प्रबंधन को निर्देश
प्रशासन ने अभिभावकों से अपील की है कि वे बच्चों को ठंड से बचाने के लिए गर्म कपड़े पहनाएं और अनावश्यक रूप से बाहर न भेजें। वहीं, स्कूल प्रबंधन को भी निर्देश दिया गया है कि वे आदेशों का पूरी तरह पालन करें और किसी भी तरह की लापरवाही न बरतें।
मौसम विभाग का अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार आने वाले कुछ दिनों तक उत्तर भारत में ठंड और बढ़ सकती है। न्यूनतम तापमान में और गिरावट के साथ शीतलहर की स्थिति बनी रह सकती है। ऐसे में आगे भी स्कूलों को लेकर नए निर्देश जारी किए जा सकते हैं।
पटना और लखनऊ में स्कूलों को लेकर लिया गया यह फैसला प्रशासन की सतर्कता और बच्चों की सेहत को प्राथमिकता देने का संकेत है। ठंड के इस दौर में ऐसे एहतियाती कदम न केवल जरूरी हैं, बल्कि समय की मांग भी हैं।




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