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दिल्ली-एनसीआर में बढ़ता वायु प्रदूषण: GRAP स्टेज-IV लागू, गुरुग्राम में दफ्तरों को लेकर सख्त निर्देश

  • Writer: Lucky Kumar
    Lucky Kumar
  • Dec 22, 2025
  • 2 min read


दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण की स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है। ठंड की दस्तक के साथ ही पूरे क्षेत्र में स्मॉग की घनी परत छा गई है, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। हवा की गुणवत्ता सूचकांक (AQI) खतरनाक श्रेणी में पहुँचने के बाद सरकार ने ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) का स्टेज-IV लागू कर दिया है।


AQI खतरनाक स्तर पर


केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, दिल्ली-एनसीआर के कई इलाकों में AQI 450 से ऊपर दर्ज किया गया है, जो ‘गंभीर’ श्रेणी में आता है। इस स्तर पर हवा में मौजूद सूक्ष्म कण (PM2.5 और PM10) स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकते हैं, खासकर बच्चों, बुजुर्गों और सांस की बीमारी से जूझ रहे लोगों के लिए।


GRAP स्टेज-IV के तहत सख्त पाबंदियां


GRAP के स्टेज-IV के लागू होते ही प्रशासन ने कई कड़े कदम उठाए हैं। इनमें निर्माण कार्यों पर रोक, डीज़ल से चलने वाले गैर-जरूरी वाहनों पर प्रतिबंध और औद्योगिक गतिविधियों पर नियंत्रण शामिल है। इन उपायों का उद्देश्य प्रदूषण के स्तर को और बढ़ने से रोकना है।


गुरुग्राम प्रशासन की नई एडवाइजरी


गंभीर होती स्थिति को देखते हुए गुरुग्राम जिला प्रशासन ने कॉर्पोरेट और प्राइवेट संस्थानों के लिए एक अहम एडवाइजरी जारी की है। इसके तहत:


  • सभी कार्यालयों को केवल 50% कर्मचारियों की उपस्थिति के साथ संचालन की अनुमति होगी।

  • बाकी कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम की सुविधा देने की सलाह दी गई है।

  • सरकारी कार्यालयों के कामकाजी समय में बदलाव किया गया है ताकि ट्रैफिक और प्रदूषण दोनों को कम किया जा सके।

  • बच्चों, बुजुर्गों और बीमार कर्मचारियों को विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं।


स्वास्थ्य को लेकर बढ़ी चिंता


विशेषज्ञों का कहना है कि लंबे समय तक इस तरह की जहरीली हवा में रहने से अस्थमा, फेफड़ों की बीमारी, आंखों में जलन और हृदय संबंधी समस्याएं बढ़ सकती हैं। डॉक्टरों ने लोगों को बाहर निकलते समय मास्क पहनने, घर के अंदर एयर प्यूरीफायर का इस्तेमाल करने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है।


आम लोगों से सहयोग की अपील


प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे निजी वाहनों का कम से कम उपयोग करें, कार-पूलिंग को बढ़ावा दें और नियमों का पालन करें। साथ ही, खुले में कचरा जलाने और पटाखों से पूरी तरह परहेज करने को कहा गया है।


आगे की स्थिति पर नजर


मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले कुछ दिनों तक हवा की गुणवत्ता में खास सुधार की उम्मीद कम है। ऐसे में प्रशासन स्थिति की लगातार निगरानी कर रहा है और जरूरत पड़ने पर और सख्त कदम उठाए जा सकते हैं।


दिल्ली-एनसीआर और गुरुग्राम में बढ़ता प्रदूषण एक गंभीर चेतावनी है कि पर्यावरण संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं। जब तक स्थायी समाधान नहीं निकलता, तब तक GRAP जैसे आपात कदम ही लोगों को इस जहरीली हवा से बचाने का एकमात्र रास्ता हैं।


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