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दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण का कहर: GRAP-4 लागू, स्कूलों में हाइब्रिड पढ़ाई और दफ्तरों में वर्क फ्रॉम होम

  • Writer: Lucky Kumar
    Lucky Kumar
  • Dec 14, 2025
  • 3 min read


दिल्ली-एनसीआर में लगातार बढ़ते वायु प्रदूषण ने एक बार फिर आम जनजीवन को गंभीर रूप से प्रभावित कर दिया है। राजधानी और आसपास के इलाकों में हवा की गुणवत्ता खतरनाक स्तर पर पहुंच चुकी है, जिसके चलते वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) कई जगहों पर ‘गंभीर’ श्रेणी में दर्ज किया गया। हालात को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) के चरण-4 को लागू करने का फैसला किया है। यह कड़े प्रतिबंध शनिवार, 13 दिसंबर 2025 से प्रभावी हो गए हैं।


GRAP-4 क्यों हुआ लागू?


विशेषज्ञों के अनुसार ठंड बढ़ने, हवा की गति कम होने, पराली जलाने के अवशेष प्रभाव, वाहनों के बढ़ते उत्सर्जन और निर्माण कार्यों से निकलने वाली धूल के कारण प्रदूषण में लगातार इजाफा हो रहा है। कई इलाकों में AQI 450 के पार पहुंच गया है, जो स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक माना जाता है। इसी वजह से प्रशासन को GRAP-4 जैसे सख्त कदम उठाने पड़े हैं।


स्कूलों में हाइब्रिड मोड की व्यवस्था


GRAP-4 लागू होने के बाद दिल्ली सरकार ने सभी सरकारी और निजी स्कूलों को अहम निर्देश जारी किए हैं। आदेश के अनुसार:


  • कक्षा 1 से 9 और कक्षा 11 तक की पढ़ाई हाइब्रिड मोड में कराई जाएगी

  • छात्र ऑफलाइन या ऑनलाइन, दोनों में से किसी एक माध्यम को चुन सकते हैं

  • कक्षा 10 और 12 की कक्षाएं फिलहाल पूरी तरह ऑफलाइन चलती रहेंगी, क्योंकि ये बोर्ड परीक्षाओं के अहम वर्ष होते हैं


सरकार का मानना है कि छोटे बच्चों और किशोरों को प्रदूषित हवा से बचाना बेहद जरूरी है, क्योंकि इसका सीधा असर उनके फेफड़ों और इम्यून सिस्टम पर पड़ता है।


दफ्तरों में 50% वर्क फ्रॉम होम अनिवार्य


सिर्फ स्कूल ही नहीं, बल्कि सरकारी और निजी कार्यालयों के लिए भी दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। इसके तहत:


  • कम से कम 50 प्रतिशत कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम (WFH) की अनुमति देना अनिवार्य होगा

  • केवल आवश्यक सेवाओं से जुड़े कर्मचारियों को ही पूरी तरह कार्यालय बुलाया जाएगा

  • इससे सड़कों पर वाहनों की संख्या घटेगी और प्रदूषण पर नियंत्रण में मदद मिलेगी


निर्माण कार्यों और वाहनों पर सख्ती


GRAP-4 के तहत कई अन्य कड़े प्रतिबंध भी लागू किए गए हैं:


  • सभी गैर-जरूरी निर्माण और तोड़फोड़ कार्यों पर पूरी तरह रोक

  • BS-III पेट्रोल और BS-IV डीजल वाहनों के संचालन पर प्रतिबंध

  • दिल्ली में बाहर से आने वाले भारी मालवाहक वाहनों (ट्रकों) की एंट्री पर रोक

  • खुले में कचरा, पत्ते या किसी भी प्रकार का ईंधन जलाने पर सख्त कार्रवाई


स्वास्थ्य को लेकर सरकार की अपील


सरकार और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने नागरिकों से अपील की है कि वे:


  • बिना जरूरत घर से बाहर न निकलें

  • मास्क का उपयोग करें, खासकर बुजुर्ग और बच्चे

  • सुबह-शाम की सैर और खुले में व्यायाम से बचें

  • अस्थमा और सांस की बीमारी से पीड़ित लोग विशेष सावधानी बरतें


कब तक लागू रहेंगे प्रतिबंध?


प्रशासन के मुताबिक, जब तक हवा की गुणवत्ता में सुधार नहीं होता, तब तक GRAP-4 के तहत ये पाबंदियां जारी रहेंगी। हालात की समीक्षा लगातार की जा रही है और AQI में सुधार होने पर चरणबद्ध तरीके से प्रतिबंध हटाए जा सकते हैं।


दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण अब सिर्फ पर्यावरणीय समस्या नहीं, बल्कि जनस्वास्थ्य संकट बन चुका है। GRAP-4 के तहत उठाए गए कदम भले ही आम लोगों की दिनचर्या को प्रभावित करें, लेकिन यह बच्चों, बुजुर्गों और आने वाली पीढ़ियों की सेहत के लिए बेहद जरूरी हैं। अब जरूरत है कि सरकार के साथ-साथ आम नागरिक भी जिम्मेदारी समझें और प्रदूषण कम करने में अपना योगदान दें।

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