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एशेज में करारी हार के बाद इंग्लैंड क्रिकेट में मचा घमासान, रवि शास्त्री को हेड कोच बनाने की उठी मांग

  • Writer: Lucky Kumar
    Lucky Kumar
  • Dec 25, 2025
  • 3 min read


इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेली जा रही 5 मैचों की प्रतिष्ठित एशेज सीरीज में इंग्लिश टीम का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा है। शुरुआती तीन मुकाबलों में ही इंग्लैंड को लगातार हार का सामना करना पड़ा और टीम 0-3 से सीरीज गंवा बैठी। इस करारी शिकस्त के बाद न सिर्फ खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर सवाल उठ रहे हैं, बल्कि टीम मैनेजमेंट और कोचिंग स्टाफ को लेकर भी तीखी बहस शुरू हो गई है।


शुरुआती तीन टेस्ट में ही खत्म हुई एशेज की उम्मीद


एशेज सीरीज हमेशा से टेस्ट क्रिकेट की सबसे रोमांचक और प्रतिष्ठित सीरीज मानी जाती है, लेकिन इस बार इंग्लैंड की टीम ऑस्ट्रेलियाई हालात में पूरी तरह बिखरी नजर आई। बल्लेबाजी में निरंतरता की कमी, गेंदबाजों का असरहीन प्रदर्शन और फील्डिंग में बार-बार हुई गलतियों ने इंग्लैंड की हार की कहानी लिख दी। ऑस्ट्रेलिया ने घरेलू परिस्थितियों का पूरा फायदा उठाते हुए इंग्लैंड को हर विभाग में पछाड़ दिया।


नेतृत्व और कोचिंग पर उठे सवाल


सीरीज में मिली लगातार हार के बाद इंग्लैंड क्रिकेट में नेतृत्व को लेकर सवाल तेज हो गए हैं। कप्तान और कोच ब्रेंडन मैक्कुलम की आक्रामक ‘बैजबॉल’ रणनीति ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ नाकाम साबित हुई। अब क्रिकेट पंडित और पूर्व खिलाड़ी मानने लगे हैं कि इंग्लैंड को एक नई सोच और नए नेतृत्व की जरूरत है, जो टीम को इस मुश्किल दौर से बाहर निकाल सके।


मोंटी पनेसर का बड़ा बयान


इंग्लैंड के पूर्व स्पिनर मोंटी पनेसर ने टीम मैनेजमेंट को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि इंग्लैंड को अब नए कोच की जरूरत है, जो ऑस्ट्रेलिया जैसी मजबूत टीम के खिलाफ सही रणनीति बना सके। पनेसर ने पूर्व भारतीय हेड कोच रवि शास्त्री का नाम ब्रेंडन मैक्कुलम के संभावित उत्तराधिकारी के तौर पर सुझाया है।


रवि शास्त्री को क्यों मानते हैं बेहतर विकल्प?


मोंटी पनेसर का मानना है कि रवि शास्त्री के पास ऑस्ट्रेलिया में सीरीज जीतने का अनुभव है, जो किसी भी कोच के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जाती है। रवि शास्त्री की कोचिंग में भारतीय टीम ने 2018-19 और 2020-21 में ऑस्ट्रेलिया को उसी की धरती पर हराकर इतिहास रचा था। उनका आक्रामक रवैया, खिलाड़ियों को आत्मविश्वास देने की क्षमता और बड़े मैचों में रणनीतिक समझ इंग्लैंड के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है।


खिलाड़ियों के साथ मजबूत रिश्ता


रवि शास्त्री की सबसे बड़ी खासियत यह मानी जाती है कि वे खिलाड़ियों के साथ मजबूत रिश्ता बनाते हैं। वे खिलाड़ियों को खुलकर खेलने की आजादी देते हैं, लेकिन साथ ही अनुशासन और जिम्मेदारी पर भी जोर देते हैं। यही वजह है कि उनके कार्यकाल में भारतीय टीम मानसिक रूप से मजबूत बनकर उभरी।


क्या इंग्लैंड बोर्ड लेगा बड़ा फैसला?


अब बड़ा सवाल यह है कि क्या इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) एशेज में मिली शर्मनाक हार के बाद कोचिंग स्टाफ में बदलाव करेगा। हालांकि फिलहाल ब्रेंडन मैक्कुलम को लेकर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। अगर आने वाले मैचों में इंग्लैंड का प्रदर्शन नहीं सुधरता, तो ECB को कड़े फैसले लेने पड़ सकते हैं।


भविष्य की राह


एशेज में हार ने इंग्लैंड क्रिकेट को आईना दिखा दिया है। टीम को न सिर्फ अपनी रणनीति पर दोबारा विचार करना होगा, बल्कि नेतृत्व और सोच में भी बदलाव लाना पड़ेगा। ऐसे में रवि शास्त्री जैसे अनुभवी कोच का नाम सामने आना इस बात का संकेत है कि इंग्लैंड क्रिकेट अब पारंपरिक सोच से आगे बढ़ने के विकल्प तलाश रहा है।

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