अमेरिका से आई खुशखबरी: कंपनी बेचने के बाद CEO ने कर्मचारियों में बांटे 21 अरब रुपये, दुनियाभर में हो रही तारीफ
- Lucky Kumar
- Dec 27, 2025
- 2 min read

लुइसियाना (अमेरिका)। अमेरिका के लुइसियाना राज्य से आई एक खबर ने दुनियाभर में नौकरीपेशा लोगों के चेहरे पर मुस्कान ला दी है। लुइसियाना स्थित फैमिली बिजनेस फाइबरबॉन्ड (Fibrebond) के सीईओ ग्राहम वॉकर ने ऐसा फैसला लिया है, जिसने कॉरपोरेट दुनिया को हैरान कर दिया है। कंपनी बेचने के बाद मिलने वाली रकम का 15 प्रतिशत हिस्सा उन्होंने अपने 540 फुल टाइम कर्मचारियों के साथ साझा करने का ऐलान किया है।
कर्मचारियों में बांटे गए 240 मिलियन डॉलर
रिपोर्ट्स के मुताबिक, फाइबरबॉन्ड कंपनी की बिक्री से जो कुल रकम मिलने वाली थी, उसमें से करीब 240 मिलियन अमेरिकी
डॉलर कर्मचारियों को दिए जाएंगे। अगर इसे भारतीय मुद्रा में देखा जाए, तो यह राशि लगभग 21 अरब 55 करोड़ रुपये के आसपास बैठती है।
यह रकम कंपनी के 540 स्थायी कर्मचारियों के बीच बांटी जाएगी, जिससे हर कर्मचारी को लाखों रुपये के बराबर की राशि मिलने की संभावना है।
CEO का बड़ा दिल, दुनिया को दिया नया संदेश
सीईओ ग्राहम वॉकर ने इस फैसले को लेकर कहा कि कंपनी की सफलता में केवल मैनेजमेंट नहीं, बल्कि हर कर्मचारी का योगदान होता है। उन्होंने कहा,
“यह कंपनी सिर्फ मेरी नहीं है। इसे खड़ा करने में मेरे कर्मचारियों का पसीना, मेहनत और समर्पण शामिल है। अगर कंपनी आगे बढ़ी है, तो उसका फायदा भी सभी को मिलना चाहिए।”
ग्राहम वॉकर का यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोग उन्हें “People’s CEO” कहकर संबोधित कर रहे हैं।
दुनियाभर में हो रही तारीफ
इस फैसले के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोग ग्राहम वॉकर की जमकर तारीफ कर रहे हैं। कई यूज़र्स ने लिखा कि आज के दौर में, जहां कंपनियां मुनाफे के लिए कर्मचारियों की छंटनी कर रही हैं, वहां ऐसा फैसला उम्मीद और इंसानियत की मिसाल है।
कुछ लोगों ने इसे “कॉरपोरेट दुनिया में नैतिकता की जीत” बताया, तो कुछ ने कहा कि काश ऐसे CEO हर देश और हर कंपनी में होते।
कर्मचारियों के लिए बदलेगी जिंदगी
विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले से कर्मचारियों की जिंदगी में बड़ा बदलाव आ सकता है। कई कर्मचारियों के लिए यह रकम:
घर खरीदने
बच्चों की पढ़ाई
कर्ज चुकाने
या भविष्य की आर्थिक सुरक्षा
में मददगार साबित हो सकती है।
बिज़नेस वर्ल्ड में नई बहस
ग्राहम वॉकर के इस कदम ने कॉरपोरेट जगत में एक नई बहस भी छेड़ दी है—क्या कंपनियों को अपने मुनाफे में कर्मचारियों को भागीदार बनाना चाहिए?
कई बिज़नेस एक्सपर्ट्स का मानना है कि इससे कर्मचारियों की निष्ठा बढ़ती है और कंपनी की संस्कृति मजबूत होती है।
प्रेरणा बनने वाली कहानी
लुइसियाना से आई यह खबर सिर्फ एक बिज़नेस डील नहीं, बल्कि नेतृत्व, संवेदनशीलता और इंसानी मूल्यों की कहानी बन गई है। ग्राहम वॉकर का यह फैसला आने वाले समय में दुनिया भर के कॉरपोरेट लीडर्स के लिए एक उदाहरण बन सकता है।
फाइबरबॉन्ड के CEO ग्राहम वॉकर ने यह साबित कर दिया कि एक सफल बिज़नेस लीडर वही होता है, जो मुनाफे के साथ-साथ लोगों के बारे में भी सोचता है। उनका यह कदम आज के दौर में उम्मीद, भरोसे और इंसानियत की मिसाल बनकर सामने आया है।




Comments