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अमरोहा: किसान दंपती के 23 दिन के नवजात की नींद में दम घुटने से दर्दनाक मौत, पूरे गांव में पसरा मातम

  • Writer: Lucky Kumar
    Lucky Kumar
  • Dec 9, 2025
  • 2 min read



अमरोहा जिले के गजरौला क्षेत्र से रविवार रात एक बेहद मार्मिक और दिल दहलाने वाली घटना सामने आई है। किसान दंपती के महज 23 दिन के नवजात शिशु की नींद में दम रुक जाने से मौत हो गई। परिवार इस घटना से पूरी तरह टूट चुका है, जबकि गांव में मातम का माहौल बना हुआ है।


कैसे हुआ हादसा?


परिवार के अनुसार, रविवार रात सभी लोग रोज की तरह बच्चे को अपने पास सुलाकर सो गए थे। माना जा रहा है कि गहरी नींद के दौरान अनजाने में माता-पिता में से किसी ने करवट बदली, और उसी दौरान उनका हाथ या शरीर का वजन बच्चे पर आ गया। मासूम इतना छोटा था कि आवाज तक न निकाल सका और धीरे-धीरे उसका दम घुट गया।

जब तड़के बच्चे की मां की आंख खुली और उसने देखा कि नवजात बिल्कुल शांत पड़ा है, तो उसकी चीख निकल गई। दंपती ने तुरंत बच्चे को उठाया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।


हॉस्पिटल ले जाया गया, लेकिन बचाया नहीं जा सका


परिजन बच्चे को लेकर तुरंत सीएचसी (सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र) पहुंचे। डॉक्टरों ने जांच के बाद बताया कि नवजात की मौत नींद में दम घुटने से हो चुकी है। डॉक्टरों के अनुसार, बच्चे को अस्पताल लाया जाता उससे पहले ही उसकी सांसें थम चुकी थीं।


डॉक्टरों ने इसे बेहद दुर्भाग्यपूर्ण घटना बताते हुए कहा कि इस तरह की दुर्घटनाएँ तब होती हैं जब नवजात को माता-पिता के बीच या बहुत पास सुलाया जाता है। नवजात शिशु अत्यधिक नाजुक होते हैं और हल्के दबाव में भी सांस रुकने का खतरा बन जाता है।


गांव में छाया मातम


इस दुर्घटना की खबर फैलते ही गांव में शोक की लहर दौड़ पड़ी। पड़ोसी और रिश्तेदार लगातार किसान परिवार के घर पहुंचकर उन्हें सांत्वना देने की कोशिश कर रहे हैं। 23 दिन का बच्चा घर में खुशियों की तरह आया था, लेकिन इतनी जल्दी उसे खो देने का गम परिवार बर्दाश्त नहीं कर पा रहा।

ग्रामीणों का कहना है कि परिवार बेहद मेहनती और सरल स्वभाव का है। नवजात का जन्म उनके लिए खुशियों की सौगात लेकर आया था, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था।


विशेषज्ञों की चेतावनी और सलाह


बाल रोग विशेषज्ञों के अनुसार, नवजात शिशुओं के साथ सोने के दौरान अत्यधिक सावधानी बरतनी चाहिए। विशेषज्ञ बताते हैं:

  • नवजात को माता-पिता के बीच नहीं सुलाना चाहिए।

  • हमेशा बच्चे को अलग, समतल और सुरक्षित स्थान पर सुलाया जाए।

  • बहुत गहरी नींद में माता-पिता की करवट बच्चे के लिए खतरा बन सकती है।

विशेषज्ञों ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में अभी भी इस विषय पर जागरूकता की कमी है, जिसके चलते ऐसे दुखद हादसे सामने आते रहते हैं।


परिवार सदमे में, प्रशासन सतर्कता की अपील कर रहा


घटना के बाद स्थानीय स्तर पर भी चर्चा तेज है। ग्रामीण स्वास्थ्य कर्मी और आशा कार्यकर्ताओं को निर्देश दिए जा रहे हैं कि वे क्षेत्र में नवजात शिशु वाले परिवारों को जागरूक करें और सुरक्षित देखभाल के बारे में जानकारी दें।


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