🌍 International Monetary Fund (IMF) ने फिर दिए पाकिस्तान को 1.2 अरब डॉलर — क्या है इसका मतलब
- Lucky Kumar
- Dec 10, 2025
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📌 क्या हुआ
IMF की कार्यकारी बोर्ड ने सोमवार (Washington में) यह मंजूरी दी कि पाकिस्तान को लगभग 1.2 अरब अमेरिकी डॉलर की नई रिलीफ दी जाए।
यह राशि दो हिस्सों में बांटी गयी है: करीब 1 अरब डॉलर उसके मुख्य लोन फंड Extended Fund Facility (EFF) के तहत, और बाकी 200 मिलियन डॉलर उसके क्लाइमेट-फोकस्ड फंड Resilience and Sustainability Facility (RSF) के तहत।
इसके साथ ही, IMF ने ये भी माना है कि — “पाकिस्तान ने हालिया विनाशकारी बाढ़, वैश्विक आर्थिक कठिनाइयों और अन्य दबावों के बावजूद, अपने आर्थिक कार्यक्रम को मजबूती से लागू किया है, जिससे देश की स्थिरता बरकरार रही है।”
📈 IMF के मुताबिक — पाकिस्तान की क्या प्रगति रही
IMF ने कहा है कि EFF-RSF कार्यक्रम की ज़रूरतों और शर्तों के अनुरूप पाकिस्तान ने नीतियाँ लागू की हैं, जिसके चलते “मैक्रोइकॉनॉमिक स्थिरता पुनर्स्थापित हुई है, वित्त एवं बाहरी स्थिति बेहतर हुई है।”
बाढ़ और जलवायु चुनौतियों के मद्देनज़र RSF का उद्देश्य है — प्राकृतिक आपदाओं के प्रति देश की मजबूती (resilience) बढ़ाना, जल संसाधनों का बेहतर प्रबंधन, और जलवायु-संबंधित वित्तीय व नीतिगत सुधार।
🔎 ये लोन क्यों मायने रखता है
2024 में पाकिस्तान के लिए 37-महीने (37-month) के EFF प्रोग्राम को मंजूरी मिली थी, लगभग 7 अरब डॉलर के पैकेज के साथ।
इस नई राशि (1.2 बिलियन डॉलर) से पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय भंडार (foreign reserves) सुधारने, महंगाई व मुद्रा दबावों को संभालने, ऊर्जा क्षेत्र व राज्य-स्वामित्व वाली कंपनियों (SOEs) में सुधार, और सामाजिक व जलवायु संवेदनशील नीतियों को लागू करने में मदद मिलेगी।
साथ ही, यह कदम बताता है कि IMF अभी भी पाकिस्तान के आर्थिक सुधार प्रयासों पर भरोसा रखता है — भले ही देश हाल ही में प्राकृतिक आपदाओं और बाहरी चुनौतियों से जूझ रहा हो।
⚠️ चुनौतियाँ और आगे क्या देखना है
IMF ने स्पष्ट किया है कि पाकिस्तान को अब भी आर्थिक नीतियों में “कसाव” बनाए रखना होगा — वित्तीय अनुशासन, टैक्स आधार बढ़ाना, SOE सुधार, ऊर्जा क्षेत्र सुधार, और जलवायु-अनुकूल प्रबंधन।
पाकिस्तान पर जलवायु संकट, बाढ़ जैसी आपदाओं का खतरा अभी बना हुआ है। RSF के तहत यह देखना होगा कि सरकार कितनी प्रभावी रूप से जलवायु-अनुकूल सुधार लागू करती है।
अगर सुधारों में देरी हुई या वैश्विक आर्थिक स्थिति बिगड़ी — तो दी गई राशि सिर्फ अस्थायी राहत होगी, दीर्घकालिक स्थिरता के लिए पर्याप्त नहीं।
✍️ निष्कर्ष
IMF द्वारा पाकिस्तान को 1.2 अरब डॉलर की नई ऋण सहायता देना — एक मजबूत राजनीतिक और आर्थिक संकेत है कि अविश्वास के बीच भी ग्लोबल संस्थाएँ अभी पाकिस्तान को स्थिर आर्थिक प्रबंधन व सुधारों के लिए मौका दे रही हैं।
यह राशि न केवल मौजूदा आर्थिक दबावों को कम करने में मदद करेगी, बल्कि — खासकर RSF के माध्यम से — देश को भविष्य की जलवायु चुनौतियों से मुकाबले के लिए तैयार करने में योगदान दे सकती है।
अगर पाकिस्तान सही नीतियाँ अपनाए, तो यह कदम — संकट के दौर में राहत देने वाला नहीं बल्कि दीर्घकालिक पुनरुद्धार और सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकता है।




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