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वृंदावन में आध्यात्मिक मुलाकात: डॉ. रीता बहुगुणा जोशी ने संत प्रेमानंद जी महाराज से लिया आशीर्वाद

  • Writer: Lucky Kumar
    Lucky Kumar
  • Dec 17, 2025
  • 2 min read

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज से पूर्व सांसद और भारतीय जनता पार्टी की वरिष्ठ नेता डॉ. रीता बहुगुणा जोशी हाल ही में वृंदावन पहुंचीं, जहां उन्होंने प्रसिद्ध संत प्रेमानंद जी महाराज से मुलाकात की। यह मुलाकात न केवल आध्यात्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रही, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक मूल्यों के प्रति उनके जुड़ाव को भी दर्शाती है।


वृंदावन पहुंचकर किया संत दर्शन


वृंदावन, जिसे भगवान श्रीकृष्ण की लीला स्थली माना जाता है, वहां पहुंचकर डॉ. रीता बहुगुणा जोशी ने संत प्रेमानंद जी महाराज के आश्रम में समय बिताया। उन्होंने महाराज जी से आशीर्वाद लिया और आध्यात्मिक विषयों पर विस्तृत चर्चा की। इस दौरान भक्ति, सेवा, समाज में नैतिक मूल्यों की भूमिका और जीवन में संतुलन जैसे विषयों पर बातचीत हुई।


प्रेमानंद जी महाराज के विचारों से प्रभावित


संत प्रेमानंद जी महाराज अपने सरल जीवन, गहन आध्यात्मिक विचारों और भक्तिमार्ग के लिए देशभर में प्रसिद्ध हैं। डॉ. रीता बहुगुणा जोशी ने उनके विचारों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे संतों का मार्गदर्शन समाज को सकारात्मक दिशा देता है और युवाओं में आध्यात्मिक चेतना जागृत करता है।


राजनीति और अध्यात्म का संगम


डॉ. रीता बहुगुणा जोशी लंबे समय से राजनीति के साथ-साथ सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों में भी सक्रिय रही हैं। वृंदावन यात्रा के दौरान उनकी यह मुलाकात इस बात का प्रतीक मानी जा रही है कि सार्वजनिक जीवन में रहते हुए भी आध्यात्मिक मूल्यों का महत्व बना रहता है। उन्होंने कहा कि अध्यात्म से व्यक्ति को निर्णय लेने की शक्ति, धैर्य और सेवा भाव मिलता है।


समर्थकों में दिखा उत्साह


डॉ. रीता बहुगुणा जोशी की वृंदावन यात्रा और संत प्रेमानंद जी महाराज से मुलाकात की खबर सामने आने के बाद उनके समर्थकों और श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिला। सोशल मीडिया पर भी इस मुलाकात की तस्वीरें और वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिनमें लोग इसे प्रेरणादायक बता रहे हैं।


वृंदावन की आध्यात्मिक ऊर्जा


वृंदावन सदियों से संतों, भक्तों और साधकों की भूमि रहा है। यहां आने वाला हर व्यक्ति आध्यात्मिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव करता है। डॉ. रीता बहुगुणा जोशी की यह यात्रा भी उसी परंपरा का हिस्सा मानी जा रही है, जहां राजनीति और अध्यात्म का सुंदर समन्वय देखने को मिला।


समाज के लिए संदेश


इस मुलाकात के जरिए डॉ. रीता बहुगुणा जोशी ने यह संदेश दिया कि जीवन की व्यस्तताओं और जिम्मेदारियों के बीच आत्मिक शांति और नैतिक मूल्यों से जुड़ना बेहद जरूरी है। संतों का सान्निध्य व्यक्ति को आत्मचिंतन और समाज सेवा की प्रेरणा देता है।

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