वर्ल्ड ब्लिट्ज चैंपियनशिप में बड़ा उलटफेर, 12 वर्षीय सर्गेई स्कोल्किन ने विश्व चैंपियन डी. गुकेश को हराया
- Lucky Kumar
- Dec 30, 2025
- 2 min read

दोहा (कतर):कतर की राजधानी दोहा में आयोजित वर्ल्ड ब्लिट्ज चैंपियनशिप में शतरंज जगत को चौंकाने वाला नतीजा सामने आया है। महज 12 वर्षीय खिलाड़ी सर्गेई स्कोल्किन ने टूर्नामेंट के तीसरे राउंड में भारतीय ग्रैंडमास्टर और मौजूदा विश्व चैंपियन डी. गुकेश को पराजित कर सनसनी फैला दी। इस हार ने न सिर्फ दर्शकों को हैरान किया, बल्कि यह मुकाबला टूर्नामेंट के सबसे चर्चित खेलों में शामिल हो गया।
शानदार शुरुआत के बाद गुकेश को झटका
विश्व चैंपियन डी. गुकेश ने टूर्नामेंट की शुरुआत बेहद मजबूत अंदाज़ में की थी। उन्होंने शुरुआती दो राउंड लगातार जीतकर अपने इरादे साफ कर दिए थे कि वह इस प्रतियोगिता में भी खिताब के प्रबल दावेदार हैं। हालांकि, तीसरे राउंड में उनका सामना युवा खिलाड़ी सर्गेई स्कोल्किन से हुआ, जिसने अनुभव और रैंकिंग के अंतर को पूरी तरह नजरअंदाज करते हुए बेहतरीन खेल का प्रदर्शन किया।
80 चालों तक चला रोमांचक मुकाबला
गुकेश और स्कोल्किन के बीच यह मुकाबला बेहद लंबा और रणनीतिक रहा। ब्लिट्ज फॉर्मेट के बावजूद दोनों खिलाड़ियों ने गहरी सोच और सटीक चालों का प्रदर्शन किया।मैच 80वीं चाल तक चला, जहां अंततः गुकेश को हार स्वीकार करनी पड़ी। यह हार इसलिए भी खास मानी जा रही है क्योंकि ब्लिट्ज शतरंज में आमतौर पर मुकाबले अपेक्षाकृत कम चालों में समाप्त हो जाते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि स्कोल्किन ने एंडगेम में जबरदस्त धैर्य और परिपक्वता दिखाई, जो उनकी उम्र के हिसाब से असाधारण है।
सर्गेई स्कोल्किन: कम उम्र में बड़ा नाम
12 वर्षीय सर्गेई स्कोल्किन को शतरंज की दुनिया में उभरते सितारे के रूप में देखा जा रहा है। इतनी कम उम्र में विश्व चैंपियन को हराना उनकी प्रतिभा का प्रमाण है। इस जीत के बाद स्कोल्किन न सिर्फ टूर्नामेंट में चर्चा का केंद्र बन गए हैं, बल्कि भविष्य के संभावित दिग्गज खिलाड़ियों की सूची में भी उनका नाम शामिल हो गया है।
कोच और शतरंज विशेषज्ञों का कहना है कि स्कोल्किन की खेल समझ, समय प्रबंधन और दबाव में शांत रहने की क्षमता उन्हें अन्य युवा खिलाड़ियों से अलग बनाती है।
गुकेश के लिए सीख और आगे की राह
डी. गुकेश के लिए यह हार भले ही चौंकाने वाली हो, लेकिन शतरंज जैसे खेल में ऐसे नतीजे खेल का हिस्सा होते हैं। गुकेश ने पहले भी कई मौकों पर कठिन परिस्थितियों से वापसी कर अपनी क्षमता साबित की है। टूर्नामेंट अभी जारी है और उनसे आगे के राउंड में दमदार प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह मुकाबला गुकेश के लिए एक रणनीतिक सीख भी साबित हो सकता है, खासकर ब्लिट्ज फॉर्मेट में युवा और आक्रामक खिलाड़ियों के खिलाफ।
वर्ल्ड ब्लिट्ज चैंपियनशिप में रोमांच बरकरार
दोहा में चल रही वर्ल्ड ब्लिट्ज चैंपियनशिप में इस तरह के अप्रत्याशित नतीजों ने प्रतियोगिता को और रोमांचक बना दिया है। युवा और अनुभवी खिलाड़ियों के बीच टक्कर शतरंज प्रेमियों के लिए खास आकर्षण बनी हुई है।
12 वर्षीय सर्गेई स्कोल्किन की यह जीत शतरंज इतिहास के यादगार पलों में शामिल की जा सकती है। वहीं, डी. गुकेश की यह हार यह दर्शाती है कि शतरंज में उम्र और रैंकिंग से ज्यादा एकाग्रता, रणनीति और धैर्य मायने रखते हैं। आने वाले राउंड्स में टूर्नामेंट और भी रोमांचक होने की पूरी उम्मीद है।




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