रणवीर सिंह की ‘धुरंधर’ पर जारी बहस, बैकलैश और प्रोपेगैंडा के आरोपों पर एक्टर नवीन कौशिक ने तोड़ी चुप्पी
- Lucky Kumar
- Dec 25, 2025
- 3 min read

डायरेक्टर आदित्य धर की फिल्म ‘धुरंधर’ रिलीज के लगभग तीन हफ्ते बाद भी बॉक्स ऑफिस पर मजबूती से टिकी हुई है। रणवीर सिंह स्टारर यह स्पाई-थ्रिलर जहां कमाई के मामले में लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रही है, वहीं दूसरी ओर इसे लेकर सोशल मीडिया और कुछ वर्गों में तीखी बहस भी देखने को मिल रही है। फिल्म पर ‘प्रोपेगैंडा’ और ‘एजेंडा-ड्रिवेन कंटेंट’ जैसे आरोप लगाए जा रहे हैं, जिस वजह से इसे बैकलैश का सामना करना पड़ रहा है।
ध्रुव राठी की आलोचना के बाद बढ़ी चर्चा
हाल ही में मशहूर कंटेंट क्रिएटर ध्रुव राठी ने अपने यूट्यूब वीडियो में ‘धुरंधर’ की आलोचना की थी। इसके बाद फिल्म को लेकर सोशल मीडिया पर बहस और तेज हो गई। कुछ लोग फिल्म के कंटेंट और उसके मैसेज पर सवाल उठा रहे हैं, तो वहीं बड़ी संख्या में दर्शक इसे एक मजबूत स्पाई-थ्रिलर बताकर समर्थन भी कर रहे हैं।
एक्टर नवीन कौशिक का बयान
फिल्म में डोंगा का किरदार निभाने वाले एक्टर नवीन कौशिक ने अब इस पूरे विवाद पर खुलकर बात की है। इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में उनसे पूछा गया कि क्या वे फिल्म को मिल रहे बैकलैश को लेकर सोचते हैं? इस सवाल के जवाब में नवीन ने कहा—
“जब कोई आपके काम की आलोचना करता है और आप उसमें पैशनेट हैं, तो आपको मौका लेकर उनके नजरिए से देखने की कोशिश करनी चाहिए। मुझे इस फिल्म पर आ रही आलोचना से दुख जरूर होता है। कृपया इसकी बनावट के बारे में बात कीजिए। अगर आपको लगता है कि यह बुरी तरह बनी है, अगर यह सिनेमा के स्टैंडर्ड्स पर खरी नहीं उतरती, तो जरूर इस पर बात कीजिए।”
प्रोपेगैंडा के आरोपों पर नाराजगी
नवीन कौशिक ने साफ कहा कि उन्हें फिल्म की तकनीकी या क्रिएटिव आलोचना से कोई समस्या नहीं है, लेकिन जब बात विचारधारा या धर्म के चश्मे से देखने की आती है, तो वे इससे सहमत नहीं हैं। उन्होंने आगे कहा—
“अगर आप सिर्फ कुछ पहलुओं को निकालकर उन्हें आईडियोलॉजी या प्रोपेगैंडा में बदलने की कोशिश करेंगे, तो मुझे यह पसंद नहीं है। कुछ लोग इसे हिंदू-मुस्लिम इश्यू बनाने की कोशिश कर रहे हैं।”
‘एजेंडा-ड्रिवेन’ आरोपों का जवाब
नवीन ने ‘एजेंडा-ड्रिवेन’ फिल्म के आरोपों को भी खारिज करते हुए अहम बात कही। उनके मुताबिक—
“अगर यह सच में एजेंडा-ड्रिवेन फिल्म होती, तो उस पर मुस्लिम टेक्नीशियन काम नहीं कर रहे होते। सभी को फिल्म पसंद आ रही है और इसे अलग-अलग वर्गों के लोगों ने मिलकर बनाया है।”
उनका कहना था कि सिनेमा एक कलेक्टिव आर्ट फॉर्म है, जहां अलग-अलग बैकग्राउंड और विचारधाराओं के लोग मिलकर काम करते हैं। ऐसे में किसी फिल्म को केवल एक नजरिए से देखना ठीक नहीं है।
बॉक्स ऑफिस पर बरकरार जलवा
विवादों और आलोचनाओं के बावजूद ‘धुरंधर’ का बॉक्स ऑफिस प्रदर्शन मजबूत बना हुआ है। फिल्म को दर्शकों का एक बड़ा वर्ग पसंद कर रहा है, खासकर इसके एक्शन, स्पाई एलिमेंट्स और रणवीर सिंह की परफॉर्मेंस की तारीफ हो रही है। यही वजह है कि रिलीज के तीन हफ्ते बाद भी फिल्म चर्चा में बनी हुई है।
‘धुरंधर’ इस वक्त सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि बहस का विषय बन चुकी है। जहां एक ओर इसे प्रोपेगैंडा बताकर आलोचना की जा रही है, वहीं दूसरी ओर फिल्म से जुड़े कलाकार इसे एक सिनेमैटिक क्रिएशन मानते हुए तकनीकी और कलात्मक स्तर पर आंकने की अपील कर रहे हैं। नवीन कौशिक का बयान साफ संकेत देता है कि क्रिटिसिज्म का स्वागत है, लेकिन उसे विचारधारा या धर्म के दायरे में बांधना उन्हें स्वीकार नहीं। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि यह बहस किस दिशा में आगे बढ़ती है।




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